कोलकाता, 04 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच रुझानों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शुरुआती आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे राज्य की राजनीति में संभावित सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए यह चुनाव कड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।
राज्य के 23 जिलों में 77 मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच 293 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना जारी है। कुल 2,926 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज होना है। रुझानों की तीव्रता ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
स्थिति को देखते हुए राज्य सचिवालय नवान्न सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, नवान्न के भीतर और बाहर कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कड़ी जांच की जा रही है, जबकि कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। खासतौर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी संवेदनशील दस्तावेज बाहर न ले जाया जा सके।
इसके अलावा अन्य सरकारी कार्यालयों में भी अतिरिक्त सीसीटीवी निगरानी शुरू कर दी गई है। रिकॉर्ड रूम और डेटा सेंटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश सीमित कर दिया गया है और पहचान पत्र की सख्त जांच की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणामों से पहले इस तरह की सतर्कता सामान्य है, लेकिन इस बार संभावित सत्ता परिवर्तन की आशंका ने प्रशासन को और अधिक चौकन्ना कर दिया है।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या दस्तावेजों के दुरुपयोग की संभावना को रोका जा सके।




