सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
Sonipat Garbage Fine Rules के तहत जिले में कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त सुशील सारवान ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। अब सड़कों, नदियों, नहरों, जल निकायों, वेटलैंड्स और सरकारी भूमि पर कूड़ा डालने पर 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक का पर्यावरण मुआवजा वसूला जाएगा। Sonipat Garbage Fine Rules के लागू होने के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में प्रकाश यादव बनाम हरियाणा राज्य मामले में जारी दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
- नियम: Sonipat Garbage Fine Rules
- निर्देश: एनजीटी के आदेशों के तहत सख्ती
- जुर्माना: 5 हजार से 50 हजार रुपये तक
- प्रतिबंध: सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकना पूरी तरह निषिद्ध
- उद्देश्य: स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण
सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित
Sonipat Garbage Fine Rules के तहत अब सड़कों के किनारे, नदियों, नहरों, झीलों, वेटलैंड्स, पंचायती या राजस्व भूमि तथा लोक निर्माण विभाग की भूमि पर कूड़ा डालना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्थान इन स्थानों पर कचरा डालते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ पर्यावरण मुआवजा वसूला जाएगा। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में करना होगा विभाजित
Sonipat Garbage Fine Rules के तहत हर नागरिक के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह अपने घर या संस्थान से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करे। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा और घरेलू खतरनाक कचरा शामिल है।
इसके बाद यह कचरा केवल अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं को ही सौंपा जाना चाहिए, ताकि उसका सही तरीके से निस्तारण किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि कचरे के सही प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक रोका जा सकता है।
- पहली बार सामान्य कचरा फैलाने पर – 5,000 रुपये
- दोबारा उल्लंघन करने पर – 10,000 रुपये
- संस्थानों या ठेकेदारों की पहली गलती – 25,000 रुपये
- दूसरी बार उल्लंघन करने पर – 50,000 रुपये
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी
Sonipat Garbage Fine Rules के बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय मलिक ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों से पर्यावरण मुआवजा वसूला जाएगा।
उन्होंने बताया कि जुर्माने की वसूली के लिए नगर निगम आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।
जुर्माना न भरने पर होगी कानूनी वसूली
Sonipat Garbage Fine Rules के तहत यदि कोई व्यक्ति या संस्थान निर्धारित जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे भू-राजस्व के बकाया की तरह कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से वसूला जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण भी किए जाएंगे।
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