Iran Israel Conflict Impact: पश्चिम एशिया में रह रहे उत्तराखंड के नागरिकों का डेटा जुटाएगी सरकार

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देहरादून, राज्य डेस्क | वेब वार्ता

Iran Israel Conflict Impact को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उन प्रवासी नागरिकों का विवरण एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जो वर्तमान परिस्थितियों में भारत लौटना चाहते हैं। Iran Israel Conflict Impact के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में रह रहे उत्तराखंड के नागरिकों का डेटा शीघ्र तैयार किया जाए।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • मामला: Iran Israel Conflict Impact
  • निर्देश: पश्चिम एशिया में रह रहे नागरिकों का डेटा तैयार होगा
  • देश: UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत सहित कई देश
  • उद्देश्य: जरूरत पड़ने पर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना
  • निर्देश जारी: सचिव राजेन्द्र कुमार द्वारा जिलाधिकारियों को पत्र

प्रदेश सरकार ने शुरू की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया

Iran Israel Conflict Impact को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश शासन में सचिव राजेन्द्र कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि पश्चिम एशिया के देशों में रह रहे राज्य के नागरिकों की जानकारी एकत्र की जाए।

सरकार का उद्देश्य ऐसे प्रवासी भारतीयों का विवरण जुटाना है, जो वर्तमान परिस्थितियों में भारत लौटना चाहते हैं। यह जानकारी एकत्र कर समय रहते केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

कौन-कौन से देश शामिल?राज्य सरकार ने जिन देशों में रह रहे नागरिकों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं, उनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ईरान, इजरायल, ओमान, लेबनान, इराक, कुवैत और कतर शामिल हैं।

जिलों को दिए गए विशेष निर्देश

Iran Israel Conflict Impact के कारण प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

इसके माध्यम से ऐसे प्रवासी नागरिकों की जानकारी एकत्र की जाएगी जो पश्चिम एशिया के देशों में रह रहे हैं और वर्तमान परिस्थितियों में भारत लौटना चाहते हैं।

डेटा संकलन की प्रक्रिया

  • जिलाधिकारियों को निर्देश जारी
  • पश्चिम एशिया में रह रहे नागरिकों का विवरण तैयार
  • इच्छुक प्रवासियों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संकलित
  • केंद्र सरकार को भेजा जाएगा डेटा

केंद्र सरकार के सहयोग से होगी आगे की कार्रवाई

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि Iran Israel Conflict Impact के चलते यदि परिस्थितियां गंभीर होती हैं तो केंद्र सरकार के सहयोग से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से भारत वापस लाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

अब आगे क्या होगा?जिलों से प्रवासी नागरिकों का डेटा एकत्र होने के बाद इसे केंद्र सरकार के साथ साझा किया जाएगा। इसके आधार पर भविष्य में यदि आवश्यकता हुई तो प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए योजना बनाई जाएगी।

पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए Iran Israel Conflict Impact को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सतर्क है और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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