शाहजहांपुर, रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता
जलालाबाद झोपड़ी आग कांड सोमवार तड़के उस समय सामने आया जब थाना जलालाबाद क्षेत्र के गांव बझेड़ा महुआ डांडी में एक झोपड़ीदार मकान में अचानक भीषण आग लग गई। घटना सुबह करीब 6 बजे की है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। घर में मौजूद अरुण कुमार और उनका परिवार किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहा, लेकिन नगदी, अनाज और घरेलू सामान सहित हजारों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार जलालाबाद झोपड़ी आग कांड में आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
जलालाबाद के बझेड़ा महुआ डांडी गांव में सोमवार सुबह 6 बजे झोपड़ी में भीषण आग लगने से अरुण कुमार का आशियाना जलकर राख। परिवार ने भागकर जान बचाई, लेकिन ₹15,000 नगदी, अनाज व घरेलू सामान नष्ट। पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों ने राहत की मांग की।#Shahjahanpur #Jalalabad #BreakingNews pic.twitter.com/1W5zcL84q4
— Webvarta News Agency (@webvarta) March 1, 2026
कैसे लगी आग
पीड़ित अरुण कुमार (35 वर्ष), पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य झोपड़ी के अंदर सो रहे थे। अचानक धुआं और चिंगारियां दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
उन्होंने बताया, “मैंने तुरंत पत्नी उषा और दो बच्चों (8 वर्षीय बेटा व 5 वर्षीय बेटी) को जगाया। हम लोग किसी तरह बाहर निकल आए। जान बच गई, लेकिन घर का सारा सामान जल गया।”
क्या-क्या हुआ नुकसान
| सामान | अनुमानित नुकसान |
|---|---|
| गेहूं (20 किलो) | पूरी तरह जलकर नष्ट |
| चावल (10 किलो) | पूरी तरह नष्ट |
| नगदी | ₹15,000 जलकर राख |
| घरेलू सामान | बर्तन, कपड़े सहित सब नष्ट |
अरुण कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका यह झोपड़ीदार मकान ही उनकी एकमात्र संपत्ति थी।
दमकल न पहुंचने से बढ़ी मुश्किल
घटना के समय दमकल वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। ग्रामीणों ने ही बाल्टियों से पानी डालकर करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी।
प्रशासन से राहत की उम्मीद
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आग के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जलालाबाद झोपड़ी आग कांड ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और त्वरित राहत व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। यदि समय पर दमकल पहुंचती तो नुकसान कम हो सकता था।
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