हरदोई में श्रद्धा, संकल्प और सतत् गति की स्मृतियाँ: अरुणेश वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

पत्रकारिता से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय अरुणेश वाजपेयी की स्मृति में जे.के. पब्लिक स्कूल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा भावनाओं, संकल्प और सेवा भावना से ओतप्रोत रही। यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाजसेवा, परमार्थ और सतत कर्मपथ पर चलने की सामूहिक प्रतिज्ञा बनकर उभरा।

श्रद्धा और संकल्प से ओतप्रोत रही सभा

शिक्षा, साहित्य, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी विभूतियों ने स्वर्गीय अरुणेश वाजपेयी के व्यक्तित्व को नमन करते हुए उन्हें परमार्थ पथ का अनथक यात्री बताया। सभा में एक स्वर में यह संदेश गूंजा— “चरैवेति-चरैवेति ही जीवन मंत्र है—निरंतर आगे बढ़ते रहना।”

वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण और निष्ठा का आदर्श उदाहरण था।

प्रमुख वक्ताओं ने किया व्यक्तित्व का स्मरण

पूर्व जिलाधिकारी ए.के. सिंह राठौर ने कहा कि गंभीर अस्वस्थता के बावजूद अरुणेश वाजपेयी का समाजसेवी मन कभी विश्राम में नहीं गया। उनके प्रयासों से हरदोई में ‘साइंस एक्सप्रेस’ का तीन दिवसीय ठहराव संभव हुआ, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान बनाया।

पूर्व सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी ने उन्हें निर्भीक, ईमानदार और निष्ठावान बताते हुए कहा कि उन्होंने हरदोई को सांस्कृतिक चेतना प्रदान की।

पूर्व गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्र ने कहा कि उनका व्यक्तित्व सीमाओं से परे था और वे देश-दुनिया को भी प्रभावित करने की क्षमता रखते थे।

सभा की प्रमुख झलकियां

विवरणजानकारी
आयोजन स्थलजे.के. पब्लिक स्कूल, हरदोई
आयोजन का उद्देश्यश्रद्धांजलि एवं स्मृति संरक्षण
मुख्य सहभागिताप्रशासन, साहित्य व सामाजिक क्षेत्र
सांस्कृतिक प्रस्तुतिभजन एवं संगीत

वरदान ट्रस्ट और सामाजिक योगदान

वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी भुवन चतुर्वेदी ने बताया कि अरुणेश वाजपेयी ट्रस्ट के सशक्त स्तंभ थे। उनके मार्गदर्शन से संस्था को निरंतर ऊर्जा और दिशा मिलती रही।

‘प्रतिबिम्ब’ संस्था के महासचिव अनिल श्रीवास्तव ने उनके जीवनवृत्त को रेखांकित किया, जबकि महेश मानव ने उनकी रचनात्मक पहलों को उजागर किया।

संगीत और पुष्पांजलि से भावुक माहौल

श्रेयांश गुप्ता, हिमांशु मिश्र और सगुन शुक्ला द्वारा प्रस्तुत भजनों से वातावरण आध्यात्मिक भावनाओं से भर गया।

इसके पश्चात उपस्थितजनों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पुत्र सुयश वाजपेयी का संकल्प

सभा में उनके पुत्र सुयश वाजपेयी ने कहा कि वे अपने पिता से जुड़े सभी सामाजिक और रचनात्मक कार्यों को उसी ऊर्जा और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाएंगे।

  • सामाजिक सेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प
  • संस्थाओं की सक्रिय भूमिका
  • स्मृतियों को कर्म में बदलने का प्रयास
  • युवाओं को प्रेरणा

निष्कर्ष

हरदोई में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा स्वर्गीय अरुणेश वाजपेयी के जीवन मूल्यों, सेवा भावना और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनी। उनकी स्मृतियां आज भी समाज को प्रेरणा देती रहेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।

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