नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु परम पावन दलाई लामा ने संगीत की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रैमी अवॉर्ड में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार 2026 में पहली बार ग्रैमी जीतकर वैश्विक मंच पर करुणा और शांति का संदेश दिया है।
स्पोकन-वर्ड एल्बम को मिला ग्रैमी सम्मान
दलाई लामा को यह पुरस्कार “सर्वश्रेष्ठ ऑडियो बुक, नैरेटिव और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग” श्रेणी में मिला। उनका स्पोकन-वर्ड एल्बम “Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama” जूरी को खासा पसंद आया, जिसमें जीवन, करुणा, अहिंसा और आंतरिक शांति पर आधारित संदेश शामिल हैं।
प्रसिद्ध हस्तियों को पछाड़कर हासिल की जीत
इस श्रेणी में दलाई लामा ने ट्रेवर नोआ, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जज केतनजी ब्राउन जैक्सन सहित कई चर्चित नामों को पीछे छोड़ते हुए ग्रैमी अपने नाम किया। यह उपलब्धि आध्यात्मिक विचारों के वैश्विक प्रभाव को भी रेखांकित करती है।
भारतीय संगीत की भी रही अहम भूमिका
एल्बम की खास बात यह रही कि इसमें भारत के प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और उनके पुत्र अमान अली बंगश व अयान अली बंगश द्वारा रचित संगीत शामिल है। भारतीय शास्त्रीय संगीत और आध्यात्मिक विचारों के इस संगम ने एल्बम को विशेष पहचान दिलाई।
करुणा और शांति का वैश्विक संदेश
“Meditations” एल्बम के माध्यम से दलाई लामा ने करुणा, शांति, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों पर आधारित संदेश को वैश्विक श्रोताओं तक पहुंचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रैमी सम्मान केवल एक संगीत उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवता के संदेश की जीत है।
- 68वें ग्रैमी अवॉर्ड में दलाई लामा की पहली जीत
- स्पोकन-वर्ड एल्बम “Meditations” को मिला सम्मान
- ट्रेवर नोआ और केतनजी ब्राउन जैक्सन को पछाड़ा
- उस्ताद अमजद अली खान और उनके पुत्रों का संगीत
दलाई लामा की यह उपलब्धि आध्यात्म, कला और संगीत के बीच गहरे संबंध को दर्शाती है और यह साबित करती है कि शांति और करुणा की आवाज़ आज भी विश्व मंच पर गूंजती है।
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