रायपुर को मेट्रो सिटी बनाने की तैयारी, अधोसंरचना पर सरकार का विशेष फोकस

रायपुर, राज्य ब्यूरो | वेब वार्ता

छत्तीसगढ़ सरकार राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ शब्दों में कहा है कि रायपुर के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित व नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह बात मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।

तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए दीर्घकालिक योजना पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण यातायात, आवास, पेयजल और सार्वजनिक सेवाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अल्पकालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक और व्यावहारिक योजनाएं बनाकर काम करना जरूरी है, ताकि आने वाले दशकों की जरूरतों को भी समय रहते पूरा किया जा सके।

नगरीय निकायों को ढाई गुना अधिक संसाधन

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे राजधानी क्षेत्र में सड़क, नाली, जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

  • शहरी अधोसंरचना के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान
  • यातायात और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की योजना
  • नगर निगम, रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय

ड्रेनेज, अतिक्रमण और स्वास्थ्य अधोसंरचना पर चर्चा

बैठक में शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण की समस्या, नगर निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनर्विक्रय जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन को लेकर भी समीक्षा की गई।

बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्र, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे।

भविष्य की जरूरतों के लिए अंडरग्राउंड बिजली लाइन और फ्लाईओवर

भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अंडरग्राउंड बिजली लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों और आधुनिक स्टेडियमों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से कहा कि जरूरी प्रस्ताव जल्द से जल्द मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।

उच्चस्तरीय बैठक में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील और प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष: मेट्रो सिटी की ओर बढ़ता रायपुर

राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल शहर की तस्वीर बदलेगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। सरकार की स्पष्ट मंशा और संसाधनों की उपलब्धता से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में रायपुर एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में उभरेगा।

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