KGMU डॉक्टर रमीज मामला: 50 हजार इनामी अभी फरार, पीलीभीत-खटीमा में छापे, खाते फ्रीज और कुर्की नोटिस की तैयारी

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टर के साथ यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों में घिरे रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन मलिक (रमीज) अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। 50 हजार रुपये के इनामी रमीज की तलाश में पुलिस ने पीलीभीत और खटीमा (उत्तराखंड) में छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। डॉक्टर के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है और जल्द कुर्की नोटिस चस्पा किया जाएगा। पुलिस मददगारों की जांच में जुटी है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्ती को दर्शाती है, जो पीड़िता को न्याय और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मामले का विवरण: यौन शोषण से धर्मांतरण तक

मामला दिसंबर 2025 का है, जब KGMU की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने सीनियर रमीज मलिक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण, जबरन गर्भपात और धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पीड़िता के अनुसार, रमीज ने आपत्तिजनक फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल भी किया। जांच में खुलासा हुआ कि रमीज ने एक अन्य महिला डॉक्टर (आगरा मेडिकल कॉलेज) का भी धर्मांतरण कराकर निकाह किया था। रमीज के माता-पिता सलीमुद्दीन और खतीजा को गिरफ्तारी हो चुकी है, जिन पर सहायता का आरोप है।

रमीज फरार होने के बाद पुलिस ने इनाम 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया। गैर-जमानती वारंट जारी है।

पुलिस की कार्रवाई: छापे, फ्रीज और कुर्की

  • छापेमारी: पीलीभीत (न्यूरिया) और खटीमा में रमीज के पैतृक और स्थायी पता पर दबिश, लेकिन खाली हाथ लौटी पुलिस।
  • खाते फ्रीज: डॉक्टर के बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गए।
  • कुर्की नोटिस: धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा किया जाएगा। इसके बाद संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया।
  • मददगारों की जांच: KGMU के कुछ प्रोफेसरों और अन्य संदिग्धों पर नजर। कॉल रिकॉर्ड्स से सुराग मिले।

पुलिस की कई टीमें UP और उत्तराखंड में सक्रिय हैं।

प्रमुख अपडेट एक नजर में

विवरणजानकारी
आरोपीडॉ. रमीजुद्दीन मलिक (रमीज)
मुख्य आरोपयौन शोषण, जबरन धर्मांतरण, ब्लैकमेल
इनाम50,000 रुपये
गिरफ्तारमाता-पिता सलीमुद्दीन और खतीजा
छापेमारी स्थानपीलीभीत, खटीमा (उत्तराखंड)
वर्तमान कार्रवाईखाते फ्रीज, कुर्की नोटिस तैयारी
संस्थान कार्रवाईKGMU से निलंबित

यह तालिका मामले की नवीनतम स्थिति को स्पष्ट करती है।

सरकार और पुलिस के प्रयास: पीड़िता को न्याय

उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में पूरी मुस्तैदी दिखा रही है। सीएम कार्यालय से निगरानी हो रही है। गैंगस्टर एक्ट और धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई से अपराधियों में दहशत है। पीड़िता को सुरक्षा और न्याय मिलना सरकार की प्राथमिकता है। यह प्रयास महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में सराहनीय है।

न्याय की प्रक्रिया तेज, अपराधियों के लिए चेतावनी

KGMU डॉक्टर रमीज मामले में पुलिस की सख्ती से अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है। 50 हजार इनामी अभी फरार है, लेकिन छापे, खाते फ्रीज और कुर्की की तैयारी से गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई पीड़िता को न्याय और समाज को सुरक्षा का संदेश देती है। सरकार के प्रयासों से ऐसे मामले में त्वरित कार्रवाई हो रही है, जो जनता के हित में है।

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