Wednesday, February 11, 2026
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विधान सभा अध्यक्ष देवनानी ने पण्डित उपाध्याय को अर्पित किये श्रद्धा सुमन

जयपुर, (वेब वार्ता)। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि पण्डित उपाध्याय ने राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र के भविष्य की संकल्पना के लिए गहन चिन्तन किया। पण्डित उपाध्याय ने विकास का आधार एकात्ममानव दर्शन बताया है। देवनानी ने कहा कि पण्डित उपाध्याय का दर्शन युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिज्ञों के लिए प्रेरणादायक है। धानक्या की इस पवित्र भूमि पर राष्ट्रवाद से प्रेरित इस कार्यक्रम में कुशाग्र बुद्धि वाले पण्डित उपाध्याय की प्रतिमा के सामने खडे़ होने पर ही उनके अभूतपूर्व जीवन का सम्पूर्ण चित्र उभरकर आ जाता है। समाज सेवा के पथ प्रदर्शक, राजनीति के आदर्श, अदभुत व्यक्तित्व, चिंतन, बुद्धि‍ कौशल, नेतृत्व और सांगठनिक क्षमता के धनी पण्डित उपाध्याय ने लगातार समाज को नई दृष्टि देकर समाज को जगाने का कार्य किया।

विधान सभा अध्यक्ष देवनानी ने मंगलवार को धानक्या में स्थित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक स्थल पर पहुँचकर पण्डितजी की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण किया। देवनानी ने पण्डित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति द्वारा आयोजित पण्डित उपाध्याय की 57वीं पुण्यतिथि के अवसर पर नेत्र चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ किया। देवनानी ने पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक स्थल से संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी का भी फीता खोलकर उदघाटन किया।

देवनानी ने कहा कि पण्डित उपाध्याय ने राष्ट्र सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया। मोमबत्ती और लालटेन की रोशनी में अध्ययन करने वाले पण्डित उपाध्या‍य ने पांचजन्य , स्वदेश, राष्ट्रधर्म जैसे समाचार पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से राष्ट्रीय जागरण और राष्ट्रीय विचारों का प्रचार-प्रसार किया।

देवनानी ने कहा कि पण्डित उपाध्याय ने भारत की कृषि प्रधान अर्थ व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए विकेन्द्रीकृत राजनीति और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को केन्द्र में रखकर आधुनिक तकनी‍को को शामिल करने का सुझाव दिया।

देवनानी ने कहा कि पण्डित उपाध्याय की पुण्यातिथि पर हम सभी को उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को प्रथम रखकर उन्नत, विकसित और समृद्ध भारत को निरन्तर आगे बढाने के लिए हम सभी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। पण्डित उपाध्याय की एक देश एक विचार की संकल्‍पना में अखण्ड भारत के निर्माण में सभी को साथ मिलकर चलना होगा। महान चिन्तक, विचारक और अन्तोदय व एकात्ममानववाद के प्रणेता पण्डित उपाध्याय के आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर हम राष्ट्र को नई दिशा देने में भागीदार बन सकते है।

देवनानी ने नेत्र चिकित्सा शिविर में ईलाज लेने आए बुजुर्गों से बातचीत की और उनके हाल चाल पूछे। इस मौके पर विधायक गोपाल शर्मा, समारोह समिति से जुडे़ कैलाश चन्द्र , शंकर, एम.एल. छीपा सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद थे।

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