लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं और श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग की सक्रिय पहल से हजारों अभ्यर्थियों को विदेशों में रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल युवाओं की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके कौशल को वैश्विक पहचान भी मिल रही है।
इज़राइल में निर्माण श्रमिकों को मिला रोजगार
प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) एम.के. शनमुगा सुंदरम ने बताया कि जनवरी से मार्च 2024 के बीच विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों की टेस्टिंग, प्रशिक्षण और औपचारिकताओं की प्रक्रिया पूरी की गई। इस योजना के तहत अब तक 5,978 श्रमिकों को इज़राइल भेजा जा चुका है, जहां वे सुरक्षित वातावरण में बेहतर वेतन पर कार्यरत हैं। यह प्रदेश के श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
1,300 और श्रमिक होंगे रवाना, 2,600 की टेस्टिंग जारी
वर्तमान में 1,336 श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिन्हें शीघ्र ही इज़राइल भेजा जाएगा। वहीं 2,600 निर्माण श्रमिकों की टेस्टिंग प्रक्रिया प्रगति पर है। पात्र अभ्यर्थियों को टेस्ट पास करने के बाद विदेशों में रोजगार प्रदान किया जाएगा।
जर्मनी, जापान, इज़राइल और यूएई से मिल रहे अवसर
योगी सरकार के प्रयासों से अब जर्मनी, जापान, इज़राइल और यूएई जैसे देशों से भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। विशेष रूप से केयरिंग और नर्सिंग सेक्टर में प्रशिक्षित युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रिक्तियां सामने आई हैं।
रोजगार मेलों से बढ़ा वैश्विक अवसरों का दायरा
सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न रोजगार मेलों से भी हजारों युवाओं को विदेश में नौकरी के अवसर मिले हैं।
- 26-28 अगस्त 2025 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में 16,212 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें से 1,612 को विदेशी रोजगार मिला।
- 14-15 अक्टूबर 2025 को गोरखपुर में हुए इंटरनेशनल प्लेसमेंट इवेंट में 279 युवाओं का चयन हुआ।
- 09-10 दिसंबर 2025 को वाराणसी में हुए काशी सांसद रोजगार महाकुंभ के तहत 8,054 युवाओं को नौकरी मिली, जिनमें 85 को विदेश में रोजगार मिला।
इसके अलावा 22 अगस्त 2025 को नोएडा में एचआर मीट और 18 दिसंबर 2025 को वाराणसी में इंटरनेशनल मोबिलिटी कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन कर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ा गया।
आय और कौशल वृद्धि योगी सरकार का लक्ष्य
योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के युवाओं की आय में वृद्धि हो, उनका कौशल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निखरे और वे आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए सरकार ने पारदर्शी चयन प्रक्रिया और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था लागू की है, ताकि केवल योग्य अभ्यर्थियों को ही विदेश में रोजगार के अवसर प्राप्त हों।
- अब तक 5,978 श्रमिक इज़राइल भेजे गए।
- 1,336 श्रमिकों का प्रशिक्षण पूरा, 2,600 की टेस्टिंग जारी।
- जर्मनी, जापान, यूएई से भी मिल रहे अवसर।
- योगी सरकार का लक्ष्य – आय बढ़ाना और कौशल निखारना।
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