शाहाबाद में नारद मोह लीला का भव्य मंचन: श्रीराम अवतार का कारण बनी कथा, पठकाना रामलीला में उमड़ी भीड़

हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद नगर में पठकाना मोहल्ला के ऐतिहासिक श्री रामलीला मेला मंच पर बीती रात ब्रह्मा जन्म और नारद मोह लीला का भव्य मंचन हुआ। 89 वर्ष पुरानी इस परंपरा को देखने के लिए नगरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी। रामलीला समिति के अध्यक्ष संजय मिश्रा बबलू, ऋषिकुमार मिश्रा और अन्य पदाधिकारियों ने श्री गणेश, भगवान श्रीराम, माता सीता, और हनुमान जी की पूजा-अर्चना व आरती के साथ कार्यक्रम शुरू किया।

ब्रह्मा जन्म लीला: सृष्टि की शुरुआत

रामलीला मंच पर ब्रह्मा जन्म लीला का प्रदर्शन हुआ। कथा के अनुसार, सृष्टि रचना के समय चारों ओर केवल जल था। भगवान विष्णु की नाभि से एक कमल प्रकट हुआ, जिससे ब्रह्मा जी का जन्म हुआ। विष्णु ने उन्हें सृष्टि निर्माण का दायित्व सौंपा। यह दृश्य भावपूर्ण और दर्शकों के लिए आकर्षक रहा।

नारद मोह लीला: श्रीराम अवतार का कारण

नारद मोह लीला का मंचन मुख्य आकर्षण रहा। कथा में दिखाया गया कि नारद मुनि ने गहन तपस्या से कामदेव को परास्त किया। इंद्र द्वारा भेजी गई अप्सराएं उनकी तपस्या भंग करने में असफल रहीं। इस विजय से नारद को अहंकार हो गया, और उन्होंने ब्रह्मा, शिव, और विष्णु के समक्ष अपनी साधना का बखान किया।

भगवान विष्णु ने नारद का अहंकार तोड़ने के लिए मोहिनी रूप धारण कर स्वयंवर आयोजित किया। नारद, मोहिनी को पाने में असफल रहे, और उनका अहंकार चूर हुआ। क्रोध में उन्होंने विष्णु को श्राप दिया कि उन्हें पृथ्वी पर मानव रूप में जन्म लेना होगा और कष्ट सहना होगा। यही श्राप श्रीराम अवतार का कारण बना।

प्रमुख दृश्य

लीला

विवरण

ब्रह्मा जन्म

विष्णु की नाभि से कमल, ब्रह्मा का जन्म

नारद मोह

नारद का अहंकार, मोहिनी स्वयंवर, विष्णु को श्राप

शिक्षा और संदेश: विनम्रता का महत्व

लीला का संदेश था:

“मनुष्य को अपनी शक्तियों का घमंड नहीं करना चाहिए। विनम्रता के बिना शक्ति अधूरी है। सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर है।”

दर्शकों ने इस संदेश की सराहना की और मंचन को भावनात्मक बताया।

आयोजन की विशेषताएं: 89 वर्षों की परंपरा

89 वर्षों से चली आ रही पठकाना रामलीला में हजारों दर्शक शामिल हुए। संजय मिश्रा बबलू ने कहा:

“यह परंपरा हमारी संस्कृति का गौरव है। इसे आगे बढ़ाएंगे।”

जनता से अपील: रामलीला में शामिल हों

ऋषिकुमार मिश्रा ने अपील की: “रामलीला में शामिल होकर संस्कृति और धर्म से जुड़ें।” अगले मंचन की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।

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