ललितपुर, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जनपद ललितपुर के प्रसिद्ध रणछोर धाम में लगने वाले वार्षिक मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिनांक 13 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक और धार्मिक मेले को लेकर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने मेला स्थल का औचक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों और मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ मौके पर बैठक कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य और गरिमामय आयोजन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि रणछोर धाम मेला वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और इस वर्ष भी यह मेला पूरी भव्यता, गरिमा और अनुशासन के साथ आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मध्यप्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के मार्ग का विशेष निरीक्षण
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अपने काफिले के साथ सौर नदी के किनारे स्थित उस कच्चे मार्ग का निरीक्षण किया, जो रेलवे पुल के नीचे से होकर मध्यप्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख रास्ता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
इस मार्ग को दुरुस्त रखा जाए
आने-जाने के लिए स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाएं
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं
घाट, नदी और जंगल क्षेत्र का गहन निरीक्षण
इसके बाद अधिकारी रणछोर धाम घाट पहुंचे, जहां सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने घाट पर:
बैरिकेटिंग कराने
गोताखोरों की तैनाती
नावों को पूरी तरह तैयार रखने
के निर्देश दिए। इसके साथ ही डीएम और एसपी ने नाव में बैठकर नदी का भ्रमण किया और जंगल क्षेत्र में स्थित प्राचीन बुर्ज के पास उतरकर पैदल भ्रमण भी किया। जंगली जानवरों से बचाव के लिए जागरूकता बोर्ड, बैनर और साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए।
मंदिर दर्शन और मेला व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक
पैदल भ्रमण के बाद जिलाधिकारी रणछोर धाम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन और दर्शन किए। इसके उपरांत अधिकारियों और मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मेला तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
विभागवार निर्देश, व्यवस्थाएं होंगी चाक-चौबंद
बैठक में विभिन्न विभागों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
वन विभाग: मेला मार्गों को दुरुस्त करे
नगर पालिका परिषद: अस्थायी पब्लिक टॉयलेट और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करे
जल संस्थान/जल निगम:
पानी के टैंकर
अस्थायी स्टैंड पोस्ट
टंकियों की नियमित सफाई
पाइपलाइन लीकेज तत्काल दुरुस्त करना
खंड विकास अधिकारी: सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रखें
विद्युत विभाग: निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करे
स्वास्थ्य विभाग:
एएलएस एम्बुलेंस
चिकित्सकों की टीम की तैनाती
पुलिस प्रशासन की विशेष तैयारी
पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने निर्देश दिए कि:
दुकानदार अग्निशमन के इंतजाम रखें
खुले बिजली तार न छोड़े जाएं
मेला परिसर में खोया-पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए
ग्रामीणों की समस्याओं पर भी संज्ञान
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने बरसात में बेतवा नदी का दूषित पानी पीने की समस्या उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने जल निगम को जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए। साथ ही सैपूरा से धौरा तक कच्चे रास्ते के समतलीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग और वन विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन और समाज के समन्वय से सफल होगा मेला
जिलाधिकारी ने मेला समिति से अपील की कि उनके वॉलेंटियर्स सघन निगरानी रखें, अफवाहों से बचें, रीलबाजों पर नजर रखें और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने दोहराया कि हर बार की तरह इस बार भी रणछोर धाम मेला पूरी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित होगा।
निष्कर्ष
रणछोर धाम मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी उदाहरण है। जिला प्रशासन द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियां यह सुनिश्चित करती हैं कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धामय वातावरण मिले। प्रशासन, पुलिस और मेला समिति के समन्वय से यह मेला जनपद के लिए एक बार फिर गौरव का विषय बनेगा।




