ललितपुर, अलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद ललितपुर की आवश्यक बैठक कंपनी बाग में संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश लिटौरिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समायोजन 3.0 में हुई व्यापक अनियमितताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकांश वक्ताओं ने समायोजन को निरस्त करने की मांग की। आरोप लगाया गया कि समायोजन में महिला, दिव्यांग, गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों के साथ भेदभाव किया गया। विभाग द्वारा किसी शासनादेश का पालन नहीं किया गया।
बैठक में प्रमुख आपत्तियां:
- प्रधानाध्यापकों का समायोजन पहले कभी नहीं हुआ, लेकिन अब कर दिया गया।
- एक ही ब्लॉक के शिक्षकों में एकरूपता नहीं—किसी को दूरस्थ ब्लॉक, किसी को नजदीक।
- कई विद्यालयों को प्रधानाध्यापक समायोजन से छोड़ दिया गया।
- वरिष्ठ-कनिष्ठ शिक्षकों में एकरूपता का अभाव।
- चहेते शिक्षकों को इच्छानुसार नजदीक, अन्य को दूर भेजा गया—बिना वरिष्ठता या विकल्प के।
वक्ताओं ने कहा कि शासनादेशों को दरकिनार कर समायोजन किया गया, इसलिए इसे तत्काल निरस्त किया जाए।
ब्लॉक अध्यक्षों ने विचार व्यक्त किए:
- आलोक श्रीवास्तव (बिरधा)
- अनिता कुशवाहा (जखौरा)
- सरमन लाल (मड़ावरा)
- राजेश जैन (महरौनी)
- राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त हृदेश गोस्वामी ने भी कमियों पर निरस्तीकरण का आह्वान किया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रथम चरण में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तथ्यों से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आंदोलनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक का संचालन जिला मंत्री अरुण गोस्वामी ने किया। उपस्थित प्रमुख सदस्यों में शैलेंद्र सिंह बुंदेला, सत्येंद्र प्रताप सिंह, मोहम्मद मतीन खान, शबाना परवीन, इश्तियाक मोहम्मद, कृष्णा बाबू, अभिषेक जैन, अवधेश कुमार तिवारी, राजेंद्र कुमार सिरौठिया, सुदामा प्रसाद, रमेश बाबू सोनी, रजनी सेन, राजा स्नेहिल सिंघाई, आराधना त्रिपाठी, विनीत गुप्ता, मोहम्मद अबरार, अजय श्रीवास्तव, सुनील कुमार कौशिक, जनार्दन प्रसाद शुक्ला, कुंदन लाल, राजीव कुमार, मोहम्मद यूसुफ, मीना गुप्ता, वंदना शर्मा, संजीव लोहिया, संजू अहिरवार, उपेंद्र प्रताप सिंह, विकास जैन, मनोज कुमार शर्मा, देवेंद्र चतुर्वेदी, नरेश कुमार, सुनील कुमार दुबे, आस्था चतुर्वेदी, बृजेंद्र कुमार तिवारी, प्रदीप कुमार मिश्रा, अंकित सैनी, शांति साहू, जुगल किशोर खरे आदि शामिल रहे।
यह बैठक शिक्षक संघ की एकजुटता और समायोजन प्रक्रिया में सुधार की मांग को दर्शाती है।




