हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जिले के कोतवाली शाहाबाद क्षेत्र में चकबंदी के दौरान खेत बंटवारे को लेकर हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। 20 दिसंबर को आत्महत्या करने वाले युवक राजू उर्फ राजकुमार के पिता ने उपसंचालक चकबंदी (डीडीसी), बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) और अन्य छह लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पिता का दावा है कि अधिकारियों ने खेत का सही बंटवारा न करने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी और लगातार मानसिक दबाव बनाया।
मृतक ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिसमें उसने बताया कि चकबंदी के दौरान उसके खेत में अनधिकृत कब्जा करने की कोशिश की गई, बदसलूकी हुई, और विरोध करने पर धमकियां दी गईं। अन्य जगह का खेत देने के बहाने दबाव डाला गया।
पिता ने पुलिस को तहरीर दी कि खेत का मालिकाना हक स्पष्ट था, लेकिन अधिकारियों ने गलत तरीके से बदलने का दबाव बनाया। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस कार्रवाई
कोतवाली शाहाबाद पुलिस ने बताया कि परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के बयान लिए जा रहे हैं। घटना के पूरे सच का पता लगाने के लिए कागजी कार्रवाई, मौका मुआयना और जांच की जा रही है।
यह मामला चकबंदी प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और दबाव की गंभीरता को उजागर करता है। जांच से सच सामने आने की उम्मीद है।
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