सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद से एक अहम आपराधिक मामला सामने आया है, जहां सैकड़ों किसानों से लगभग 4 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ इटवा पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। उधार में गल्ला खरीदकर भुगतान न करने और लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर की गई।
सिद्धार्थनगर में किसानों से ₹4 करोड़ की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार
इटवा पुलिस ने सन्नो देवी, सिद्धार्थ/इंद्रजीत जायसवाल व कैलाश जायसवाल को दबोचा। गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई, आरोपियों को जेल भेजा गया।#Siddharthnagar #UPPolice @siddharthnagpol pic.twitter.com/g4XYdn8OGH— Webvarta News Agency (@webvarta) January 27, 2026
कैसे हुआ किसानों से करोड़ों की ठगी
पुलिस के अनुसार, यह संगठित गिरोह सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जनपद के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था। आरोपी किसानों से उधार में अनाज (गल्ला) खरीदते थे और बाद में भुगतान टालते हुए फरार हो जाते थे। लंबे समय तक किसानों को उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिली, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
| क्रम | अभियुक्त का नाम | पहचान / विवरण |
|---|---|---|
| 1 | सन्नो देवी | गिरोह की सक्रिय सदस्य |
| 2 | सिद्धार्थ जायसवाल उर्फ इंद्रजीत जायसवाल | मुख्य आरोपी |
| 3 | कैलाश चंद्र जायसवाल | सह-आरोपी |
पुलिस की कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट
इस मामले में पहले से दर्ज कई मुकदमों की विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि इस गिरोह की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
- ठगी की कुल राशि: लगभग 4 करोड़ रुपये
- प्रभावित किसान: सिद्धार्थनगर व बलरामपुर के सैकड़ों किसान
- कानूनी कार्रवाई: गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी इटवा पवीन प्रकाश के नेतृत्व में की गई। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
किसानों से ठगी करने वाले इस गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई न केवल पीड़ित किसानों को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संगठित आर्थिक अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह कार्रवाई ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
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