हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
जनपद हरदोई में कृषि और उससे जुड़े विभागों की योजनाओं को अधिक प्रभावी, जनोन्मुखी और रोजगारपरक बनाने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में बुधवार को स्वामी विवेकानन्द सभागार में कृषि विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहन देने और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रमुख कृषि योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, उद्यान विभाग, सिंचाई विभाग, मत्स्य विभाग और दुग्ध विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार और गहन समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या, लंबित मामलों, भुगतान की स्थिति और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक समय पर पहुंचे, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर
उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन (Value Addition) का सबसे सशक्त माध्यम है। इससे न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए
स्थानीय फल-सब्जियों पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स विकसित की जाएं
महिला समूहों को प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की ठोस कार्य योजना बनाई जाए
पराग डेयरी उत्पादों के लिए महिला समूह को जिम्मेदारी
दुग्ध विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पराग डेयरी से संबंधित उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक महिला स्वयं सहायता समूह को चिन्हित कर पराग स्टोर खोला जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आय का स्थायी स्रोत मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से न केवल दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
किसान क्रेडिट कार्ड और प्राकृतिक खेती पर फोकस
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाए जाएं, ताकि उन्हें समय पर सस्ती दरों पर कृषि ऋण उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह खेती न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि किसानों की लागत भी कम करती है और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है।
एफपीओ की भूमिका को और मजबूत करने के निर्देश
कृषक उत्पादक संगठनों (FPO – Farmer Producer Organization) के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि एफपीओ किसानों को संगठित कर उन्हें बाजार से सीधे जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
एफपीओ की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए
किसानों को एफपीओ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए
विपणन, भंडारण और प्रोसेसिंग में एफपीओ की भूमिका मजबूत की जाए
वर्ष 2026 की कार्य योजना बनाने के निर्देश
जिलाधिकारी अनुनय झा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे वर्ष 2026 की विस्तृत कार्य योजना तैयार करें और अगली समीक्षा बैठक में प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण जनता तक पहुंचे।
अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, उप निदेशक कृषि, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम सहित कृषि, उद्यान, सिंचाई, मत्स्य और दुग्ध विभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
जिलाधिकारी की यह पहल हरदोई में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, फूड प्रोसेसिंग, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। यदि विभागीय स्तर पर इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ जिले की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
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