देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मनरेगा बचाव अभियान के तहत निकाली गई गांधी युवा साइकिल यात्रा बुधवार को पहुंची। इस दौरान यात्रा में शामिल गांधीवादी युवाओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा कानून को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया। युवाओं ने इसे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया यात्रा का स्वागत
गांधी युवा साइकिल यात्रा के देवरिया पहुंचने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल ‘रोशन’ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम के दौरान मनरेगा के समर्थन में नारे लगाए गए और सरकार की नीतियों की आलोचना की गई।
मनरेगा गरीबों की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़: रोशन
जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल ‘रोशन’ ने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि यह गरीबों की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में कटौती और मजदूरी भुगतान में देरी के जरिए सरकार इस योजना को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने मजदूरों से संगठित होकर अपने हक के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
मजदूर विरोधी प्रावधानों से कानून कमजोर करने का आरोप
यात्रा में शामिल गांधीवादी युवाओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मजदूर विरोधी प्रावधानों के माध्यम से मनरेगा कानून को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि संसद में बिना पर्याप्त बहस और स्टैंडिंग कमेटी की जांच के मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है।
रोजगार अधिकार और न्यूनतम मजदूरी पर सीधा हमला
गांधी युवाओं का कहना था कि इन निर्णयों से मजदूरों के काम के अधिकार और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी समाप्त कर दी गई है। उन्होंने इसे करोड़ों दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन ग्रामीण मजदूरों के रोजगार अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
- मनरेगा बचाव अभियान के तहत गांधी युवा साइकिल यात्रा
- सरकार पर बजट कटौती और भुगतान में देरी के आरोप
- मजदूरों से संगठित संघर्ष का आह्वान
- दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिलाओं के अधिकारों पर जोर
चौरी चौरा से बनारस तक जाएगी साइकिल यात्रा
मनरेगा बचाव अभियान के अंतर्गत यह गांधी युवा साइकिल यात्रा गोरखपुर के चौरी चौरा से शुरू होकर देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर होते हुए बनारस पहुंचेगी। यात्रा का समापन 17 फरवरी को बनारस में किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य मनरेगा कानून की रक्षा करना और ग्रामीण मजदूरों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
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