असम के कोकराझार में रेल पटरी पर IED विस्फोट: ट्रेन सेवाएं बाधित, कोई हताहत नहीं; CM सरमा ने कहा- संदिग्ध की पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी

कोकराझार/गुवाहाटी | वेब वार्ता

असम के कोकराझार जिले में बुधवार-गुरुवार (22-23 अक्टूबर 2025) की मध्यरात्रि को रेलवे ट्रैक पर एक संदिग्ध IED (Improvised Explosive Device) विस्फोट ने लोअर असम और उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में रेल सेवाओं को बाधित कर दिया। यह विस्फोट पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के अलिपुरद्वार डिवीजन के अंतर्गत कोकराझार रेलवे स्टेशन से सालाकाटी की ओर लगभग 5 किलोमीटर दूर रात 1 बजे हुआ। विस्फोट से रेल पटरी का करीब 3 फुट हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और टूटे हुए टुकड़े कई मीटर दूर तक बिखर गए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है, जिसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

विस्फोट का विवरण:

कोकराझार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया कि विस्फोट बोदोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) क्षेत्र में हुआ, जो असम के संवेदनशील इलाकों में से एक है। यह घटना उस समय हुई जब एक मालगाड़ी (UP AZARA Sugar) ट्रैक से गुजर रही थी। NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया, “मालगाड़ी के ट्रेन प्रबंधक ने जोरदार झटका महसूस किया और तुरंत ट्रेन रोक दी। जांच में पाया गया कि संदिग्ध IED विस्फोट से पटरी और स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए।”

  • क्षति: रेल पटरी का 3 फुट हिस्सा टूटा, स्लीपर भी क्षतिग्रस्त।
  • प्रभाव: रातभर ट्रेन परिचालन निलंबित, सुबह 8 बजे तक सेवाएं बाधित।
  • स्थान: कोकराझार-सालाकाटी ट्रैक, अलिपुरद्वार डिवीजन।

कोकराझार के SSP पुष्पराज सिंह ने कहा, “विस्फोट छोटा था, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ और ट्रेन भी डिरेल नहीं हुई। क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत कर सुबह 5:25 बजे सेवाएं बहाल कर दी गईं।” उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

ट्रेन सेवाओं पर प्रभाव: 8 ट्रेनें प्रभावित

विस्फोट के कारण लोअर असम और उत्तर बंगाल के बीच रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। CPRO शर्मा ने बताया कि लगभग 8 ट्रेनें रातभर रुकी रहीं, जिसमें यात्री और मालगाड़ियां शामिल थीं। सुबह 5:25 बजे मरम्मत पूरी होने के बाद ट्रेन परिचालन सामान्य हुआ। प्रभावित ट्रेनों में प्रमुख रेलगाड़ियां जैसे राजधानी एक्सप्रेस और कामाख्या-नई दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल शामिल थीं।

  • प्रभावित क्षेत्र: कोकराझार, बोंगाईगांव, और उत्तर बंगाल के कुछ हिस्से।
  • मरम्मत कार्य: रेलवे और RPF ने तुरंत मरम्मत शुरू की।
  • सुरक्षा उपाय: ट्रैक पर अतिरिक्त गश्त और निगरानी।

CM सरमा का बयान: “लोको पायलट की सतर्कता से बचा बड़ा हादसा”

बोंगाईगांव में एक समारोह में CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “लोको पायलट की सतर्कता ने बड़ा हादसा टाल दिया। क्षतिग्रस्त ट्रैक देखकर उन्होंने तुरंत सूचना दी। यदि ऐसा नहीं होता, तो सुबह हमें भयानक खबर मिल सकती थी।” उन्होंने खुलासा किया कि पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है, जिसके खिलाफ असम और झारखंड में कई मामले दर्ज हैं। “असम पुलिस जल्द उसे गिरफ्तार करेगी।”

विस्फोट में आतंकवादी संगठन की संलिप्तता के सवाल पर सरमा ने कहा, “फिलहाल एक व्यक्ति की पहचान हुई है। जांच पूरी होने पर स्थिति स्पष्ट होगी।” उन्होंने जोड़ा कि असम पुलिस, RPF, और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं।

जांच और सुरक्षा: पुलिस और RPF सक्रिय

  • जांच: असम पुलिस, RPF, और खुफिया एजेंसियां विस्फोट की तह तक जाने के लिए काम कर रही हैं। SSP पुष्पराज सिंह ने कहा, “संदिग्ध IED की फोरेंसिक जांच शुरू हो गई है।”
  • सुरक्षा बढ़ाई: कोकराझार-सालाकाटी खंड पर गश्त बढ़ाई गई। DGP हरमीत सिंह ने घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
  • संदिग्ध: एक व्यक्ति की पहचान, असम-झारखंड में आपराधिक रिकॉर्ड।

क्षेत्रीय संदर्भ: बोदोलैंड का संवेदनशील इतिहास

कोकराझार, बोदोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) का हिस्सा है, जो अतीत में उग्रवादी गतिविधियों का गढ़ रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में 2020 के बोदो शांति समझौते के बाद क्षेत्र में शांति रही है। इस विस्फोट ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अलग-थलग घटना हो सकती है, लेकिन आतंकवादी संगठनों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

  • स्थानीय लोग: कोकराझार के निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक स्थानीय ने कहा, “रेलवे ट्रैक पर IED? यह चिंताजनक है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
  • विशेषज्ञ: सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि असम में रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाना उग्रवादी संगठनों की पुरानी रणनीति रही है। “फोरेंसिक जांच और संदिग्ध की गिरफ्तारी से स्थिति स्पष्ट होगी,” एक विशेषज्ञ ने कहा।

भविष्य के लिए उपाय

CM सरमा ने कहा कि रेलवे और पुलिस संयुक्त रूप से ट्रैक की निगरानी बढ़ाएंगे। NFR ने भी संवेदनशील खंडों पर ड्रोन और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की योजना बनाई है।

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