गुरुग्राम में 10 हजार एकड़ में बनेगी जंगल सफारी, पर्यटन का नया केंद्र बनेगा अरावली क्षेत्र

गुरुग्राम, (वेब वार्ता)। हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित गुरुग्राम और नूंह जिले में फैली 10,000 एकड़ की जंगल सफारी परियोजना राज्य के पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार को नया आयाम देने जा रही है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और भूपेंद्र यादव ने सकतपुर गांव के समीप जंगल सफारी स्थल का निरीक्षण किया और परियोजना के पहले चरण की रूपरेखा पर चर्चा की।

🏞️ चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी परियोजना

परियोजना को कुल चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 2,500 एकड़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र, स्थानीय वनस्पति, वन्यजीव संरक्षण, और इको-टूरिज्म के लिए विशेष पहल की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा,

“अरावली की प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में जंगल सफारी एक मील का पत्थर साबित होगी।”

🧭 चार गेट, मल्टीपल एंट्री पॉइंट्स

परियोजना में चार प्रवेश द्वार प्रस्तावित हैं:

  1. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निकट सोहना क्षेत्र

  2. तावडू-सोहना मार्ग

  3. नौरंगपुर के समीप

  4. सकतपुर गांव

यह गेट्स सफारी क्षेत्र को यात्रियों के लिए सुलभ बनाएंगे और पर्यावरणीय दबाव को संतुलित रूप से विभाजित करेंगे।

🌿 इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना में शारजाह सफारी, गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा और गिर अभयारण्य जैसे अंतरराष्ट्रीय सफारी स्थलों का अध्ययन किया गया है। भूपेंद्र यादव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा और यह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा।

“यह केवल एक जंगल सफारी नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक स्थायी हरित विरासत का निर्माण है।” — भूपेंद्र यादव

🛠️ हरियाली और जैव विविधता पर विशेष ध्यान

परियोजना के अंतर्गत:

  • स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण

  • वन्यजीवों के अनुकूल पारिस्थितिकी का विकास

  • इकोलॉजिकल जोनिंग और स्मार्ट सफारी पथ

वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि “सफारी में छोटे कीकर को हटाकर पीपल, बरगद, गुलर, नीम जैसे वृक्ष लगाए जाएंगे और हरियाली को एक पवित्र जिम्मेदारी की तरह बढ़ाया जाएगा।”

📸 जंगल सफारी परियोजना के उद्देश्य:

  • दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रीन ज़ोन के रूप में कार्य

  • इको टूरिज्म के माध्यम से हरियाणा को वैश्विक नक्शे पर लाना

  • पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता केंद्र के रूप में भूमिका

  • युवाओं के लिए रोजगार, गाइड ट्रेनिंग, और उद्यमशीलता के अवसर

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