दावोस/वॉशिंगटन, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) 2026 के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (22 जनवरी) को “बोर्ड ऑफ पीस” नामक नई अंतरराष्ट्रीय पहल का औपचारिक ऐलान किया। इस ऐतिहासिक मंच पर भारत शामिल नहीं था, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ट्रंप के साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं की आपसी बातचीत और मंच से किया गया इशारा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
मंच पर ट्रंप और शहबाज शरीफ की फुसफुसाहट ने बढ़ाई हलचल
#WATCH | US President Donald Trump, along with other members, including Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif signs the ‘Board of Peace Charter’ in Davos, Switzerland.
(Source: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/e80UBXZZiK
— ANI (@ANI) January 22, 2026
दावोस के मंच पर जब डोनाल्ड ट्रंप ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ पर हस्ताक्षर कर रहे थे, तभी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने झुककर उनके कान में कुछ कहा। इसके बाद दोनों नेता सामने बैठे प्रतिनिधियों की ओर इशारा कर हंसने लगे। यह क्षण कैमरे में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने सवाल उठाया कि ट्रंप और शहबाज शरीफ ने किसकी ओर इशारा किया — क्या वहां कोई भारतीय प्रतिनिधि मौजूद था? हालांकि आयोजकों ने स्पष्ट किया कि भारत ने इस मंच पर भाग नहीं लिया।
पाकिस्तान की ओर से यह पहला मौका था जब उसके प्रधानमंत्री किसी अमेरिकी पहल में ट्रंप के साथ सीधे मंच साझा कर रहे थे। विश्लेषकों का मानना है कि शहबाज शरीफ अमेरिका के साथ संबंध सुधारने की कोशिशों के तहत इस अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहते थे।
भारत ने न्योता ठुकराया, कई देश रहे नदारद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस अंतरराष्ट्रीय “शांति बोर्ड” में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, लेकिन भारत ने अब तक न तो औपचारिक रूप से इसे स्वीकार किया है और न ही अस्वीकार। भारत के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी और कई अन्य प्रमुख देशों ने भी इस मंच में भाग नहीं लिया। जानकारों का मानना है कि इन देशों ने इसे संयुक्त राष्ट्र (UN) के समानांतर संस्था बनाने की कोशिश के रूप में देखा, जिसके कारण उन्होंने दूरी बनाई।
इस कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रंप, शहबाज शरीफ और कुछ अन्य देशों के प्रतिनिधि ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ पर हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। एएनआई द्वारा साझा किए गए फुटेज में यह पूरा दृश्य दिखाई देता है, जिससे सोशल मीडिया पर कयासों का दौर जारी है।
“दुनिया में शांति लाने की दिशा में नया कदम”: ट्रंप
अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “यह बोर्ड पूरी दुनिया में युद्धों को सुलझाने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक अनूठी पहल है।” उन्होंने कहा कि यह निकाय संयुक्त राष्ट्र के साथ साझेदारी में काम करेगा और विशेष रूप से गाजा पट्टी में चल रहे युद्धविराम और पुनर्निर्माण प्रयासों में मदद करेगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संयुक्त राष्ट्र के साथ सहयोग की रूपरेखा कैसी होगी।
“बोर्ड ऑफ पीस” में कौन-कौन देश शामिल हैं?
ट्रंप की इस पहल में शामिल देशों में अर्जेंटीना, अर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाकिस्तान, मोरक्को, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और वियतनाम शामिल हैं। वहीं जर्मनी, इटली, पैराग्वे, रूस, स्लोवेनिया, तुर्किये और यूक्रेन ने निमंत्रण मिलने के बावजूद अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत की स्थिति स्पष्ट नहीं
भारत ने हमेशा से फलस्तीन-इजरायल विवाद के समाधान के लिए “दो राष्ट्र सिद्धांत” का समर्थन किया है, जिसमें दोनों देश सीमाओं के भीतर शांति और सुरक्षा के साथ सह-अस्तित्व में रहें। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस नई अमेरिकी पहल को राजनयिक सावधानी के साथ देख रहा है, ताकि वह न तो संयुक्त राष्ट्र के विरोध में दिखे और न ही किसी नए भू-राजनीतिक खेमे में शामिल हो।
- डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की घोषणा की।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंच साझा किया, भारत नहीं था शामिल।
- दोनों नेताओं की फुसफुसाहट और इशारे पर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज।
जानकारों का कहना है कि यह “बोर्ड ऑफ पीस” आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र के समानांतर शक्ति केंद्र बन सकता है, जिससे वैश्विक कूटनीति की दिशा बदल सकती है। वहीं पाकिस्तान इसे अपनी अंतरराष्ट्रीय साख बहाल करने का मौका मान रहा है। भारत के रुख पर अब दुनिया की निगाहें टिकी हैं कि क्या वह इस नई पहल से जुड़ेगा या दूरी बनाए रखेगा।
👉 हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta
ये भी पढ़ें: ‘अगर साथ नहीं दिया तो याद रखेंगे…’ ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर फिर दी चेतावनी, दावोस से नाटो को सीधा संदेश









[…] ये भी पढ़ें: दावोस में ट्रंप के साथ दिखे शहबाज शरीफ… […]