हरदोई में सुरक्षित होली की अपील: हर्बल रंगों से मनाएँ त्योहार, नेत्र विशेषज्ञ की सलाह

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

Safe Holi Tips को लेकर हरदोई में दृष्टि दोष विशेषज्ञ कर्ण सिंह राणा ने लोगों से हर्बल और प्राकृतिक रंगों के उपयोग की अपील की है। होली के अवसर पर उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध कई रासायनिक रंग आँखों की बाहरी परत यानी कॉर्निया को नुकसान पहुँचा सकते हैं। ऐसे में त्योहार की खुशी के बीच थोड़ी सी लापरवाही गंभीर नेत्र समस्या का कारण बन सकती है।

Safe Holi Tips: क्यों खतरनाक हैं रासायनिक रंग?

विशेषज्ञ के अनुसार, बाजार में मिलने वाले कई सस्ते रंगों में केमिकल, कांच का महीन चूरा, औद्योगिक डाई और अन्य हानिकारक तत्व मिलाए जाते हैं। ये तत्व आँखों में जाने पर जलन, लालिमा, सूजन और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। गंभीर मामलों में कॉर्निया पर खरोंच या स्थायी दृष्टि दोष की संभावना भी रहती है।

हर्बल रंगों को दें प्राथमिकता

Safe Holi Tips के तहत कर्ण सिंह राणा ने सलाह दी कि होली खेलते समय केवल हर्बल या प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। यदि संभव हो तो घर पर तैयार रंगों का उपयोग करना अधिक सुरक्षित है।

  • हल्दी और बेसन से पीला रंग
  • चंदन से सुगंधित गुलाल
  • गुलाब या पलाश के फूलों से प्राकृतिक रंग
  • विश्वसनीय और प्रमाणित ब्रांड के गुलाल का चयन

अत्यधिक चटक, गहरे और पक्के रंगों से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इनमें रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक हो सकती है।

आँखों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियाँ

विशेषज्ञ ने बताया कि होली खेलते समय कुछ सरल सावधानियाँ अपनाकर आँखों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • चश्मा या सनग्लास पहनें
  • कॉन्टैक्ट लेंस का प्रयोग न करें
  • बच्चों पर विशेष निगरानी रखें
  • पिचकारी से तेज प्रेशर में पानी चेहरे पर न डालें
  • गुब्बारों से दूरी बनाए रखें

अगर आँख में रंग चला जाए तो क्या करें?

Safe Holi Tips के अनुसार यदि आँख में रंग चला जाए तो घबराने के बजाय तुरंत प्राथमिक उपचार अपनाना चाहिए।

  • आँखों को बिल्कुल न रगड़ें
  • साफ और ठंडे पानी से 10–15 मिनट तक धीरे-धीरे धोएँ
  • जलन या धुंधलापन बना रहे तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें
  • बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप न डालें

स्वास्थ्य और जागरूकता ही असली रंग

कर्ण सिंह राणा ने कहा कि होली खुशियों का पर्व है, लेकिन आँखें हमारी अनमोल संपत्ति हैं। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से हम त्योहार का आनंद भी ले सकते हैं और अपनी दृष्टि भी सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को सुरक्षित होली खेलने के लिए प्रेरित करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि Safe Holi Tips अपनाकर न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सकता है। त्योहार का उद्देश्य उल्लास और सौहार्द है, इसलिए जिम्मेदारी के साथ रंगों का आनंद लेना ही समझदारी है।

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संपादकीय आलेख