-इरशान सईद
नई दिल्ली, 10 मई (वेब वार्ता)। राजधानी में छोटी दूरी की यात्रा के लिए सबसे आसान और सुलभ साधन बने ई-रिक्शा अब ट्रैफिक अव्यवस्था और जाम की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। मेट्रो स्टेशन, बाजार और अस्पतालों के बाहर बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं, बल्कि राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों के लिए भी गंभीर परेशानी खड़ी कर रहे हैं।
सीमापुरी, दिलशाद गार्डन, आनंद विहार, विवेक विहार, कड़कड़डूमा, शाहदरा, लक्ष्मी नगर, सीलमपुर और कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में तय स्टैंड और रूट व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से ई-रिक्शा खड़े दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा ई-रिक्शा की कतारों से घिरा रहता है, जिससे यातायात की गति प्रभावित होती है और घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।
पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर की मुख्य सड़क पर भी ई-रिक्शा से होने वाली परेशानी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेट्रो स्टेशन और बाजार के आसपास बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े रहने से सड़क संकरी हो जाती है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
आनंद विहार मेट्रो स्टेशन के बाहर शाम के समय हालात सबसे अधिक खराब दिखाई देते हैं। सवारी बैठाने की होड़ में चालक बीच सड़क पर ही ई-रिक्शा रोक देते हैं, जिससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। फुटपाथों पर कब्जा होने के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ई-रिक्शा की अनियंत्रित आवाजाही से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। शाहदरा के दुकानदारों का कहना है कि दुकानों के सामने दिनभर ई-रिक्शा खड़े रहने से ग्राहकों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
आकांक्षा ने कहा कि फुटपाथों पर ई-रिक्शा खड़े रहने से बुजुर्गों के साथ निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। वहीं सुनील कुमार ने बताया कि दुकान के बाहर लगातार ई-रिक्शा खड़े रहने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
ई-रिक्शा चालक मोहम्मद आरिफ का कहना है कि सरकार की ओर से पर्याप्त स्टैंड और निर्धारित रूट नहीं बनाए गए हैं। यदि उचित पार्किंग और स्टैंड की व्यवस्था हो जाए तो सड़क पर अव्यवस्था काफी हद तक कम हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ई-रिक्शा संचालन के लिए स्पष्ट नियम, निर्धारित स्टैंड और पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए ताकि राजधानी की सड़कों पर बढ़ती अव्यवस्था और जाम की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।




