कुशीनगर, 10 मई (ममता तिवारी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में महिला संबंधी अपराधों की विवेचनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के उद्देश्य से रविवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा के निर्देशन में किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला अपराधों, विशेष रूप से अपहरण, व्यपहरण, बलात्कार और पाक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की विवेचनाओं में आने वाली त्रुटियों को दूर करना और विवेचकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर जांच प्रक्रिया से न्यायिक कार्रवाई अधिक प्रभावी और मजबूत हो सकेगी।
कार्यशाला में विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अजय कुमार गुप्ता, फूल बदन, सुजीत कुमार मिश्रा और संजय कुमार तिवारी ने प्रशिक्षक के रूप में भाग लिया। उन्होंने विवेचकों को महिला अपराधों से जुड़े मामलों में साक्ष्य संकलन, कानूनी प्रक्रिया, आरोप पत्र तैयार करने और उच्च न्यायालय में भेजी जाने वाली विवेचनाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि महिला अपराधों की जांच में संवेदनशीलता और सटीकता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से जनपद के सभी विवेचकों को प्रत्येक रविवार को हाइब्रिड मोड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक अधिकारी इसमें भाग ले सकें।
उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से विवेचकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और महिला अपराधों के मामलों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही न्यायालय में प्रस्तुत की जाने वाली विवेचनाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे दोषियों के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
कुशीनगर पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस विभाग महिला सुरक्षा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए लगातार अपनी कार्यप्रणाली को मजबूत करने में जुटा हुआ है।




