मेड़क/नरसापुर, 3 मई (वेब वार्ता)। तेलंगाना के मेड़क जिले के नरसापुर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई “लस्सी में पेशाब मिलाने” की खबर पूरी तरह फर्जी साबित हुई है। पुलिस जांच में इस सनसनीखेज दावे का कोई आधार नहीं मिला, जिसके बाद पूरे मामले का सच सामने आ गया।
अफवाह से भड़का माहौल
वायरल खबरों में दावा किया जा रहा था कि नरसापुर बाजार में एक लस्सी विक्रेता को कथित तौर पर लस्सी में पेशाब मिलाते हुए पकड़ा गया। इस खबर के फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, विक्रेता ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
मामले की जांच करते हुए पुलिस ने पाया कि यह पूरी घटना एक गलतफहमी का परिणाम थी। पुलिस के अनुसार, विक्रेता अपने कारोबार से पहले पास के नाले के पास बर्तन साफ कर रहा था। उसी समय वहां मौजूद एक बच्चा पेशाब कर रहा था, जिसे देखकर कुछ लोगों ने गलत निष्कर्ष निकाल लिया और अफवाह फैला दी।
विक्रेता ने खुद पहुंचकर दी सफाई
विक्रेता स्वयं उस बच्चे को लेकर थाने पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने बच्चे से पूछताछ कर सच्चाई की पुष्टि की और मामले को स्पष्ट किया।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि बिना सत्यापन के इस तरह की गंभीर अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर बिना जांच-परख के विश्वास करना कितना खतरनाक हो सकता है।



