देहरादून, 28 अप्रैल (वेब वार्ता)। महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र से पहले मंगलवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर गन्ने से भरी ट्राली पलटकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का लगभग 110 करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन सरकार भुगतान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक ट्रैक्टर चलाकर विधानसभा पहुंचे, जबकि अन्य विधायक रिस्पना पुल से रैली निकालते हुए विधानसभा पहुंचे। इस दौरान अंकित भंडारी प्रकरण और महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की गई।
विधानसभा में आज “नारी सम्मान और लोकतंत्र में अधिकार” विषय पर चर्चा के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया है। सत्ता पक्ष केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में अपनी बात रखेगा, जबकि विपक्ष महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में है।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया है। वहीं सरकार विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निंदा प्रस्ताव भी लाने की तैयारी में है।
दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू कराने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने की मांग करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि विशेष सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सदन में गरिमापूर्ण चर्चा की अपेक्षा की जाती है।
आज के सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। साथ ही महिला सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे, जिससे यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



