रायपुर, 26 अप्रैल (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त मात्रा में भंडार उपलब्ध है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट से बचें।
विभाग के अनुसार, पश्चिम एशिया में बने हालात को देखते हुए राज्य सरकार लगातार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण मौजूद है तथा आपूर्ति की नियमित साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है।
राज्य में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और प्रमुख तेल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च माह में पेट्रोल की मांग के मुकाबले 126 प्रतिशत और डीजल की 183 प्रतिशत आपूर्ति दर्ज की गई। अप्रैल माह में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति जारी है।
खाद्य विभाग के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश में लगभग 22 दिनों की आवश्यकता के बराबर पेट्रोल और 15 दिनों की खपत के लिए डीजल उपलब्ध है। विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का संकट नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए जिलों में आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई जारी है। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं, वहीं शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय कॉल सेंटर भी संचालित किया जा रहा है।
हाल ही में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा केंद्रों से डीजल खरीदने के कारण अस्थायी दबाव बना है। इस पर कंपनियों को मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



