नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
coal production india: वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा क्षेत्र से एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 11 मार्च तक देश का कोयला उत्पादन 200 मिलियन टन के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। कोयला मंत्रालय ने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। मंत्रालय के अनुसार यह रिकॉर्ड सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के संयुक्त प्रयास से संभव हुआ है, जिससे देश की बढ़ती बिजली और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
200 मिलियन टन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल कोयला उत्पादन (11 मार्च 2026 तक) | 200 मिलियन टन से अधिक |
| कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों का उत्पादन | 194.17 मिलियन टन |
| अन्य खदानों का योगदान | 6.06 मिलियन टन |
| पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि | 10.56% |
मंत्रालय के अनुसार कुल उत्पादन में सबसे अधिक योगदान कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों का रहा है, जहां से 194.17 मिलियन टन कोयला निकाला गया। अन्य खदानों ने 6.06 मिलियन टन का उत्पादन किया। इन दोनों को मिलाकर कुल उत्पादन 200 मिलियन टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 10.56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
24 दिन पहले टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड
| वित्त वर्ष | कुल उत्पादन | रिकॉर्ड तिथि |
|---|---|---|
| 2024-25 | 197.32 मिलियन टन | पूरा वर्ष |
| 2025-26 | 200 मिलियन टन+ | 11 मार्च 2026 |
इस उपलब्धि की खास बात यह है कि भारत ने पिछले वित्त वर्ष के कुल उत्पादन को भी पीछे छोड़ दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 197.32 मिलियन टन कोयला उत्पादन हुआ था। इस बार भारत ने यह आंकड़ा 7 मार्च 2026 को ही पार कर लिया, यानी पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 24 दिन पहले ही यह रिकॉर्ड बन गया। मंत्रालय ने इसे खनन क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों और श्रमिकों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया है।
कोयले की आपूर्ति में भी तेज वृद्धि
| वर्ष | कोयला आपूर्ति | वृद्धि |
|---|---|---|
| 2024-25 | 182.98 मिलियन टन | – |
| 2025-26 | 197.09 मिलियन टन | 7.71% |
उत्पादन के साथ-साथ कोयले की आपूर्ति में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां आपूर्ति 182.98 मिलियन टन थी, वहीं इस साल यह बढ़कर 197.09 मिलियन टन हो गई है। सालाना आधार पर इसमें 7.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि इससे बिजली संयंत्रों और उद्योगों को निरंतर और पर्याप्त कोयला उपलब्ध हो सकेगा।
- ऊर्जा मांग को पूरा करने में मदद
- बिजली संयंत्रों को नियमित आपूर्ति
- औद्योगिक उत्पादन को मजबूती
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम
कोयला मंत्रालय (coal production india) का कहना है कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की नई नीतियों, तकनीकी सुधारों और खनन क्षेत्र में निवेश के कारण उत्पादन क्षमता में तेजी आई है। इसके चलते घरेलू उत्पादन और आपूर्ति दोनों में सुधार हुआ है।
मंत्रालय के अनुसार देश के कोयला भंडार और बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता आएगी और भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत का कोयला उत्पादन (coal production india) 200 मिलियन टन के पार पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और बिजली उत्पादन तथा औद्योगिक गतिविधियों को स्थिर आधार मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।







