देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
Deoria Fake Varasat Scam से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी वरासत दर्ज कर सरकारी धन के दुरुपयोग की गंभीर अनियमितता उजागर हुई है। मामले की जांच के बाद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस प्रकरण में एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित राजस्व निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जांच में सामने आया कि फर्जी तरीके से मृत व्यक्ति की कथित पत्नी के नाम वरासत दर्ज कर लगभग 74 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का लाभ उठाया गया। Deoria Fake Varasat Scam के उजागर होने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- मामला: Deoria Fake Varasat Scam
- स्थान: ग्राम पडरीगजराज, तहसील सलेमपुर
- धनराशि: लगभग 74 लाख रुपये
- कार्रवाई: एफआईआर के निर्देश, लेखपाल निलंबित
- जांच: जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम की जांच
30 वर्ष पूर्व मृत व्यक्ति की जमीन पर दर्ज कराई गई फर्जी वरासत
Deoria Fake Varasat Scam का यह मामला तहसील सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम पडरीगजराज से संबंधित है। अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 34 और 25 के मूल खातेदार फेकू पुत्र सुखन थे, जिनकी लगभग 30 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी और उनके कोई वैध वारिस नहीं बताए गए थे।
जांच में सामने आया कि फरवरी 2024 में ग्राम प्रधान इंदू देवी के पति रामप्रताप द्वारा अनुचित लाभ प्राप्त करने की नीयत से मृतक फेकू की कथित पत्नी के रूप में माया देवी के नाम पर फर्जी वरासत दर्ज करा दी गई। इस प्रक्रिया में तत्कालीन लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
पंचायत भवन और हाईवे परियोजना से मिला बड़ा भुगतान
Deoria Fake Varasat Scam में सामने आया कि उक्त भूमि में से 0.0245 हेक्टेयर भूमि पंचायत भवन निर्माण के लिए मुख्य विकास अधिकारी, देवरिया के नाम 66,67,920 रुपये में बैनामा की गई।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-727बी (नवलपुर–सिकंदरपुर) परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के तहत भी माया देवी को मुआवजा राशि मिली। दोनों स्रोतों से कुल मिलाकर 74,03,398 रुपये की धनराशि उनके खाते में पहुंची।
- 15 लाख रुपये ग्राम प्रधान पति रामप्रताप के खाते में ट्रांसफर
- 8 लाख रुपये सफाईकर्मी रामराज प्रसाद के खाते में भेजे गए
- 7 लाख रुपये रामराज प्रसाद से राहुल प्रताप सिंह के खाते में ट्रांसफर
- 1 लाख रुपये नकद लेन-देन की पुष्टि
डीएम के निर्देश पर हुई विस्तृत जांच
Deoria Fake Varasat Scam की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने मामले की जांच के आदेश दिए। उपजिलाधिकारी सलेमपुर के नेतृत्व में गठित राजस्व टीम ने 26 और 27 फरवरी 2026 को स्थल और अभिलेखीय जांच की।
9 मार्च 2026 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में स्पष्ट हुआ कि वरासत बिना उचित जांच के दर्ज की गई थी, जबकि मामला विवादित था।
लेखपाल निलंबित, एफआईआर के आदेश
Deoria Fake Varasat Scam की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने 10 मार्च 2026 को आदेश जारी कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है, जबकि राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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