Bullock Cart Wedding Procession Deoria: डोली में बैठकर निकला दूल्हा, 10 बैलगाड़ियों से पहुंची अनोखी बरात

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देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता

Bullock Cart Wedding Procession Deoria की एक अनोखी मिसाल उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में देखने को मिली, जहां आधुनिक दौर में लग्जरी कारों और भव्य इंतजामों के बीच एक बारात अपनी सादगी और पारंपरिक अंदाज के कारण चर्चा का विषय बन गई। यहां दूल्हा डोली में बैठकर बरात लेकर निकला, जबकि बराती बैलगाड़ियों पर सवार होकर विवाह स्थल तक पहुंचे।

यह अनोखी बरात देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर कस्बे से निकली, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और रास्ते भर लोग इस पारंपरिक नजारे को देखने के लिए जुटते रहे।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • Bullock Cart Wedding Procession Deoria में अनोखी पारंपरिक बरात
  • दूल्हा डोली में बैठकर निकला
  • बराती 10 बैलगाड़ियों पर सवार होकर पहुंचे
  • पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

डोली में बैठकर निकला दूल्हादेवरिया में डोली में बैठे दूल्हे और बैलगाड़ियों से निकली पारंपरिक बरात।

Bullock Cart Wedding Procession Deoria में भागलपुर कस्बे के निवासी अभिषेक यादव की बरात पारंपरिक अंदाज में निकाली गई। दूल्हा खुद डोली में बैठा हुआ था, जबकि बराती लगभग 10 बैलगाड़ियों पर सवार होकर विवाह स्थल तक पहुंचे।

इस अनोखी बरात को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ लगी रही और ग्रामीण इस दृश्य को देखकर उत्साहित नजर आए।

📌 क्या है खास इस बरात में?

  • दूल्हा डोली में बैठकर बरात लेकर निकला
  • बराती बैलगाड़ियों से पहुंचे विवाह स्थल
  • शादी में पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति की झलक
  • लोगों में देखने के लिए खास उत्साह

पिता ने बताया पारंपरिक सोच का कारण

दूल्हे के पिता और सेना से सेवानिवृत्त वीरेंद्र यादव ने बताया कि आजकल शादियों में दिखावे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है और बैल उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, इसलिए बेटे की बरात भी पारंपरिक तरीके से निकालने का निर्णय लिया गया।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल

वीरेंद्र यादव ने बताया कि इस अनोखी बरात का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक तरीके से शादी करने से समाज को एक सकारात्मक संदेश भी मिलता है।

बरात में डीजे और फरुही नाच का भी आयोजन किया गया, जिससे पारंपरिक माहौल के साथ उत्सव का रंग भी देखने को मिला।

🔎 लोगों को याद आए पुराने दौर

  • बरात सोहनाग के पास चांदपलिया गांव पहुंची
  • ग्रामीणों ने 70–80 के दशक की यादें ताजा होने की बात कही
  • कुछ बैलगाड़ियां बलिया जिले से मंगाई गईं
  • बरात में कई ई-रिक्शा भी शामिल रहे

Bullock Cart Wedding Procession Deoria ने इलाके में एक अलग ही मिसाल पेश की। इस अनोखी बरात ने लोगों को पुराने समय की ग्रामीण परंपराओं की याद दिला दी और सादगी के साथ विवाह करने का संदेश भी दिया।

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