Siliguri Santhal Conference: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रोटोकॉल पालन न होने पर जताई नाराजगी

- Advertisement -
नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

Siliguri Santhal Conference: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल आदिवासी सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन न किए जाने पर निराशा व्यक्त की है। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के बाद लोगों से बातचीत करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर होते हैं तो प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री की उपस्थिति अपेक्षित होती है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • सिलीगुड़ी में आयोजित संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल हुईं
  • राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन न होने पर राष्ट्रपति ने जताई निराशा
  • राष्ट्रपति के अनुसार प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री की उपस्थिति अपेक्षित होती है
  • कुछ आदिवासी लोगों को सम्मेलन में भाग लेने से रोके जाने का भी आरोप

Siliguri Santhal Conference में प्रोटोकॉल को लेकर उठे सवाल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जब देश के राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर होते हैं तो संवैधानिक प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक मानी जाती है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ऐसा नहीं हुआ, जिससे उन्हें निराशा हुई।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ऐसे अवसरों पर सभी संवैधानिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए, ताकि कार्यक्रम की गरिमा बनी रहे।

📌 क्या है पूरा मामला?

  • सिलीगुड़ी में 9वां अंतर्राष्ट्रीय संथाल आदिवासी सम्मेलन आयोजित हुआ
  • कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं
  • राष्ट्रपति ने राज्य सरकार पर प्रोटोकॉल पालन न करने का आरोप लगाया
  • सम्मेलन में कई आदिवासी लोगों को प्रवेश न मिलने की शिकायत सामने आई

आदिवासी समुदाय के लोगों को रोकने का आरोप

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कई आदिवासी समुदाय के लोगों को सम्मेलन में भाग लेने से रोका गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन आदिवासी समाज के लोगों के लिए आयोजित किया गया था, इसलिए इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सम्मेलन के लिए ऐसा स्थान उपलब्ध नहीं कराया जहां बड़ी संख्या में लोग आसानी से भाग ले सकें।

राज्य अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि राज्य सरकार के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में प्रशासनिक सहयोग और समन्वय अत्यंत आवश्यक होता है।

🔎 अब आगे क्या होगा?

  • इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है
  • राज्य सरकार और केंद्र के बीच इस विषय पर चर्चा संभव है
  • भविष्य में ऐसे आयोजनों में प्रोटोकॉल पालन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा
  • आदिवासी समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग बढ़ सकती है

सम्मेलन का उद्देश्य

9वां अंतर्राष्ट्रीय संथाल आदिवासी सम्मेलन आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था। इसमें देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और आदिवासी समाज के विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

Author

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img