कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
Kushinagar Fuel Order: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने जनपद के सभी पेट्रोल पम्प संचालकों और वितरकों को आदेश दिया है कि किसी भी स्थिति में डिब्बे, कन्टेनर, बोतल या अन्य किसी पात्र में पेट्रोल अथवा डीजल की बिक्री न की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की आपूर्ति केवल वाहनों के टैंक में ही की जाएगी। इस निर्देश का उद्देश्य ईंधन की अवैध खरीद-फरोख्त और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- कुशीनगर में डिब्बे या बोतल में पेट्रोल-डीजल देने पर पूरी तरह रोक
- जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने जारी किए निर्देश
- ईंधन केवल वाहनों के टैंक में ही भरने की अनुमति
- उल्लंघन करने वाले पम्प संचालकों पर होगी सख्त कार्रवाई
पम्प संचालकों को सख्त निर्देश
जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने जनपद के सभी डीजल एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कन्टेनर, डिब्बे, बोतल या अन्य पात्रों में ईंधन की आपूर्ति न की जाए। उन्होंने कहा कि यह निर्देश जनपद में ईंधन की आपूर्ति को व्यवस्थित बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए जारी किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री केवल दो पहिया, चार पहिया या अन्य भारी वाहनों के ईंधन टैंक में ही की जाएगी। इसके अतिरिक्त किसी भी अन्य तरीके से ईंधन देने पर कार्रवाई की जाएगी।
📌 क्या है पूरा मामला?
- कुशीनगर प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश जारी किए
- डिब्बे, बोतल या कन्टेनर में ईंधन देने पर पूरी तरह प्रतिबंध
- ईंधन केवल वाहनों के टैंक में ही भरने का आदेश
- उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द होने तक की कार्रवाई संभव
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर नियमों का पालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा था। ऐसे में प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए सभी पम्प संचालकों को नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई भी पम्प संचालक इन निर्देशों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🔎 अब आगे क्या होगा?
- जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण बढ़ाया जा सकता है
- नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी
- लाइसेंसिंग शर्तों के तहत पम्प का लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है
- ईंधन की अवैध बिक्री और जमाखोरी पर नियंत्रण किया जाएगा
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण या जांच के दौरान यदि किसी भी पेट्रोल या डीजल पम्प पर डिब्बे, कन्टेनर या बोतल में ईंधन की आपूर्ति की पुष्टि होती है, तो संबंधित पम्प संचालक के खिलाफ लाइसेंसिंग शर्तों और मार्केटिंग डिसिप्लीन गाइडलाइन के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जनपद के सभी पेट्रोल पम्प संचालकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके और ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
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