वाराणसी, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
भूलवश अधिक जमा धनराशि लौटाई गई की संवेदनशील मिसाल शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में सामने आई, जब ब्रम्हदत्त शर्मा नामक श्रद्धालु द्वारा ऑनलाइन भुगतान के दौरान निर्धारित 1200 रुपये के स्थान पर 10,659 रुपये मंदिर खाते में जमा हो गए। परिवार सहित दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु के बैंक खाते से शेष धनराशि समाप्त हो जाने पर वे चिंतित हो उठे। मामले की जानकारी मिलते ही पंडा समाज के संजय पांडेय ने पहल करते हुए श्रद्धालु को प्रशासनिक कार्यालय पहुंचाया, जहां सत्यापन के बाद अतिरिक्त राशि लौटा दी गई। इस संवेदनशील व्यवहार के लिए संबंधित पंडा को सम्मानित भी किया गया।
भूलवश अधिक जमा धनराशि लौटाई गई: क्या हुआ था पूरा घटनाक्रम
धाम प्रशासन के अनुसार, ब्रम्हदत्त शर्मा अपने परिवार के साथ दर्शन हेतु पधारे थे। सुगम दर्शन के लिए चार व्यक्तियों के अनुसार 1200 रुपये जमा किए जाने थे। ऑनलाइन पेमेंट करते समय तकनीकी त्रुटि के कारण 10,659 रुपये मंदिर के खाते में स्थानांतरित हो गए। बैंक खाते से शेष धनराशि कट जाने पर परिवार असमंजस और चिंता की स्थिति में आ गया।
श्रद्धालु की व्यथा देख संजय पांडेय उन्हें तत्काल मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष लेकर पहुंचे। वहां मामले की गंभीरता से सुनवाई की गई और जमा राशि का मिलान किया गया।
सत्यापन के बाद अतिरिक्त राशि की वापसी
विचार-विमर्श एवं बैंक विवरण के सत्यापन के उपरांत प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि अतिरिक्त जमा हुई धनराशि श्रद्धालु को वापस कर दी जाए। प्रार्थनापत्र और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूर्ण की गई। इस प्रकार भूलवश अधिक जमा धनराशि लौटाई गई और श्रद्धालु परिवार को राहत मिली।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निर्धारित शुल्क | ₹1200 (चार व्यक्तियों हेतु) |
| वास्तविक जमा राशि | ₹10,659 |
| अतिरिक्त जमा | ₹9,459 |
| कार्रवाई | सत्यापन के बाद राशि वापसी |
| सहयोगी | संजय पांडेय (पंडा समाज) |
संवेदनशील आचरण के लिए पंडा सम्मानित
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने संजय पांडेय को उनकी सजगता, श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता और सहृदय व्यवहार के लिए प्रशंसा सहित सम्मानित किया। मंदिर न्यास ने भी तीर्थ पंडा समाज के इस आचरण की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि सेवा-भाव ही काशी की पहचान है।
श्रद्धालु सुविधा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता
धाम प्रशासन ने दोहराया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और संतोष सर्वोच्च प्राथमिकता है। भूलवश अधिक जमा धनराशि लौटाई गई की यह घटना बताती है कि प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मीडिया बंधुओं से भी अपील की गई कि इस सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण का व्यापक प्रसारण किया जाए, ताकि समाज में जागरूकता और विश्वास का वातावरण सुदृढ़ हो। ऐसे दृष्टांत से तीर्थयात्रियों का धर्म और काशीवासियों के प्रति सद्भाव और अधिक मजबूत होगा।
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