कुंडली/हरियाणा, 27 फरवरी 2026 | वेब वार्ता
निफ्टेम–ANVESH 2026 कॉन्फ्रेंस के मंच पर फ्यूचर फूड, मिलेट आधारित उत्पादों और इनोवेशन टेक्नोलॉजी का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने भारतीय पारंपरिक अन्नों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में नई ऊर्जा भरी। निफ्टेम-कुंडली (हरियाणा) द्वारा आयोजित “International Conference on Advanced Next Generation Vision for Emerging & Sustainable Healthy Foods (ANVESH-2026)” में देशभर से आए उद्यमियों, फूड प्रोसेसर्स, exporters और नीति विशेषज्ञों ने भाग लेकर हेल्दी फूड इंडस्ट्री के बदलते परिदृश्य पर विस्तृत विमर्श किया।
सम्मेलन में यह स्पष्ट हुआ कि भारत के पारंपरिक अन्न—बाजरा, रागी और ज्वार—अब केवल ग्रामीण आहार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सही food processing technology, branding strategy और global market linkage के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत जगह बना रहे हैं।
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निफ्टेम–ANVESH 2026 कॉन्फ्रेंस में मिलेट से वैश्विक ब्रांड तक की यात्रा
विशेष सत्र में उद्यमी अमित सोनी ने अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। एक समय कारखाने के प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहे अमित ने नौकरी छोड़कर मिलेट-आधारित हेल्दी प्रोडक्ट्स को अपना व्यवसाय बनाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाजरा, रागी और ज्वार से बने मिलेट कुकीज़ को आधुनिक प्रोसेसिंग और आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से एक सशक्त ब्रांड में बदला गया।
आज उनकी कंपनी बहरीन, दुबई और अन्य मध्य-पूर्वी देशों में निर्यात कर रही है। उन्होंने कहा कि quality certification, digital marketing, export compliance और सरकारी निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं ने उनके स्टार्टअप को करोड़ों के टर्नओवर तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
उभरते हेल्दी फूड मार्केट में टेक्नोलॉजी की भूमिका
निफ्टेम–ANVESH 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि मिलेट आधारित उत्पादों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है। हेल्दी स्नैक्स, ग्लूटेन-फ्री फूड, हाई-फाइबर डाइट और sustainable food solutions की मांग ने भारतीय उद्यमियों के लिए नए अवसर खोले हैं।
- Modern food processing machines से शेल्फ लाइफ बढ़ाना
- International packaging standards अपनाना
- Digital supply chain integration
- Global quality certifications (FSSAI, HACCP, ISO)
- E-commerce export platforms का उपयोग
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में भारत मिलेट आधारित हेल्दी फूड एक्सपोर्ट का वैश्विक हब बन सकता है, यदि तकनीकी नवाचार और नीति समर्थन का संतुलन बना रहे।
नेटवर्किंग और निर्यात उन्मुख सत्रों का प्रभाव
सम्मेलन में आयोजित export-oriented सत्रों में उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि ANVESH जैसे प्लेटफॉर्म से उन्हें networking opportunities, SOP guidance और international supply chain partnerships के नए रास्ते मिले हैं।
कई प्रोसेसर्स और exporters ने साझा किया कि प्रमाणन, गुणवत्ता नियंत्रण और value addition पर ध्यान देने से भारतीय उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ी है। न केवल उत्पाद की गुणवत्ता, बल्कि उसकी प्रस्तुति और ब्रांड स्टोरी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
| मुख्य फोकस क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| मिलेट प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी | उच्च गुणवत्ता और लंबी शेल्फ लाइफ |
| डिजिटल मार्केटिंग | ग्लोबल ब्रांड विजिबिलिटी |
| एक्सपोर्ट कंप्लायंस | अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश |
| सप्लाई चेन डिजिटलीकरण | कुशल वितरण और लागत नियंत्रण |
छोटे उद्यमियों के लिए अवसर
सम्मेलन के अंतिम दिन विशेष मिलेट-प्रोसेसिंग कार्यशाला और ग्लोबल मार्केट प्रॉक्सिमिटी सत्र आयोजित किए जाने की घोषणा की गई। इसमें अनुभवी exporters, नीति-निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ छोटे व मध्यम उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के अनुरूप उत्पाद विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताएंगे।
निफ्टेम–ANVESH 2026 कॉन्फ्रेंस ने यह संदेश दिया कि यदि पारंपरिक भारतीय अन्नों को वैज्ञानिक प्रोसेसिंग, इनोवेशन टेक्नोलॉजी और वैश्विक ब्रांडिंग के साथ जोड़ा जाए, तो वे न केवल किसानों की आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि भारत को हेल्दी फूड एक्सपोर्ट में अग्रणी राष्ट्र बना सकते हैं।
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