लखनऊ ईदगाह में मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस | मौलाना खालिद रशीद फ़रंगी महली ने किया झंडारोहण

लखनऊ | वेब वार्ता

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लखनऊ की ऐतिहासिक ईदगाह में देशभक्ति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद फ़रंगी महली ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह का शुभारंभ किया। झंडारोहण के साथ ही पूरे परिसर में राष्ट्रगान और देशभक्ति के नारों की गूंज सुनाई दी।Lucknow Eidgah Republic Day Celebration1

गणतंत्र दिवस समारोह में बड़ी संख्या में धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और बच्चे उपस्थित रहे। बच्चों द्वारा प्रस्तुत कौमी तराने और देशभक्ति गीतों ने वातावरण को देशप्रेम से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने तिरंगे को सलामी देकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

फरंगी महल का स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान

इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद फ़रंगी महली ने अपने संबोधन में कहा कि फरंगी महल का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी में उलेमाओं और धार्मिक संस्थाओं की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। आज़ादी की लड़ाई में फरंगी महल परिवार ने सदैव देशहित को सर्वोपरि रखा।

मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम संविधान का सम्मान करें और उसकी मूल भावना—एकता, भाईचारा और न्याय—को अपने जीवन में आत्मसात करें।

गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत उदाहरण

लखनऊ ईदगाह में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रीय पर्व मनाया और यह संदेश दिया कि भारत की ताकत उसकी विविधता और आपसी सौहार्द में निहित है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश की प्रगति और शांति के लिए आपसी भाईचारा, संवाद और संवैधानिक मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।

राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति संकल्प

समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए कार्य करेंगे और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।

यह आयोजन न केवल एक धार्मिक स्थल पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह था, बल्कि यह भारत की साझी विरासत, लोकतांत्रिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।

📍 स्थान: लखनऊ ईदगाह
📅 अवसर: 77वां गणतंत्र दिवस

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