मिनियापोलिस (अमेरिका), इंटरनेशनल डेस्क | वेब वार्ता
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान एक फेडरल अधिकारी की गोली से मारे गए ICU नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी की मौत ने अमेरिकी प्रशासन, कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद न केवल पूरे मिनेसोटा में तनाव बढ़ा है, बल्कि मामला संघीय अदालत, व्हाइट हाउस और अमेरिकी राजनीति के केंद्र में आ गया है। सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई कानूनसम्मत थी या फिर सत्ता और बल प्रयोग की सीमा लांघी गई?
क्या हुआ मिनियापोलिस में: 5W1H में पूरा मामला
यह घटना मिनियापोलिस शहर में उस समय हुई, जब फेडरल एजेंसियां कथित तौर पर इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियान चला रही थीं। इसी दौरान एलेक्स प्रेट्टी, जो पेशे से एक ICU नर्स थे, को एक सीमा सुरक्षा अधिकारी ने गोली मार दी। प्रशासन का दावा है कि एलेक्स के पास हथियार था, जबकि घटनास्थल के वीडियो और चश्मदीद इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। परिवार और नागरिक अधिकार संगठनों का कहना है कि एलेक्स शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी थे।
Timeline: 15 दिन – क्या हुआ, कब हुआ?
| तारीख | घटना | प्रशासन पर सवाल |
|---|---|---|
| प्रदर्शन से पहले | मिनियापोलिस में ICE कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन | क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन को आपराधिक रूप दिया गया? |
| शनिवार | फेडरल अधिकारी की गोली से एलेक्स प्रेट्टी की मौत | क्या घातक बल का प्रयोग जरूरी था? |
| घटना के बाद | परिवार को प्रशासन ने सूचना नहीं दी | क्या यह मानवीय और कानूनी विफलता नहीं? |
| अगले दिन | वीडियो सामने आए, हथियार को लेकर संदेह | क्या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है? |
| अदालत हस्तक्षेप | जज ने सबूत सुरक्षित रखने का आदेश दिया | क्या न्यायपालिका को प्रशासन पर भरोसा नहीं? |
| राजनीतिक प्रतिक्रिया | ट्रंप ने बॉर्डर ज़ार टॉम होमन को भेजा | क्या जांच के बजाय शक्ति प्रदर्शन? |
कौन थे एलेक्स प्रेट्टी?
एलेक्स प्रेट्टी एक ICU नर्स थे और वेटरन्स अफेयर्स अस्पताल में कार्यरत थे। परिवार के अनुसार, वे मरीजों की जान बचाने को अपना कर्तव्य मानते थे। उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वे अमेरिकी नागरिक थे और सामाजिक मुद्दों को लेकर संवेदनशील थे। ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति से वे असहमत थे, लेकिन परिवार का कहना है कि वे हिंसा में विश्वास नहीं रखते थे।
प्रशासन का पक्ष और विरोधाभास
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का दावा है कि एलेक्स के पास 9 मिमी पिस्टल थी। हालांकि, घटनास्थल के वीडियो में एलेक्स के हाथ में केवल मोबाइल फोन नजर आता है। यह विरोधाभास प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। यदि हथियार था, तो वह वीडियो में स्पष्ट क्यों नहीं दिखा?
अदालत की सख्ती और संघीय कार्रवाई पर रोक
मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल के अनुरोध पर संघीय न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि इस मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट या परिवर्तित न किया जाए। अदालत यह भी सुन रही है कि क्या राज्य में चल रही फेडरल इमिग्रेशन कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगाई जाए। यह कदम दर्शाता है कि न्यायपालिका भी प्रशासन की मंशा को लेकर आश्वस्त नहीं है।
ट्रंप का फैसला: बॉर्डर ज़ार की एंट्री
बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भरोसेमंद अधिकारी और तथाकथित बॉर्डर ज़ार टॉम होमन को मिनेसोटा भेजने का फैसला किया। व्हाइट हाउस का कहना है कि होमन जमीन पर ICE ऑपरेशंस की निगरानी करेंगे। सवाल यह है कि क्या यह कदम जांच को निष्पक्ष बनाएगा या फिर और अधिक टकराव को जन्म देगा?
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
इस घटना ने अमेरिका में इमिग्रेशन, पुलिस बल प्रयोग और नागरिक अधिकारों पर बहस को और तेज कर दिया है। डेमोक्रेट्स ने फेडरल कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। सड़कों पर प्रदर्शन जारी हैं और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
निष्कर्ष
एलेक्स प्रेट्टी की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून और सत्ता की सीमाओं पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। क्या फेडरल एजेंसियां जवाबदेह होंगी? क्या सच सामने आएगा? या यह मामला भी राजनीतिक शक्ति संतुलन में दब जाएगा? मिनेसोटा की यह घटना अमेरिका के लिए एक निर्णायक परीक्षा बनती जा रही है।
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