ढाका/नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क | वेब वार्ता
भारत और श्रीलंका की मेजबानी में आयोजित होने वाला टी20 वर्ल्ड कप 2026 (7 फरवरी से 8 मार्च) अभी शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन उससे पहले ही भारत-बांग्लादेश विवाद ने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया है। बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को भारत न भेजने का निर्णय लिया और टी20 विश्व कप के बहिष्कार की घोषणा कर दी। यह विवाद जनवरी महीने भर सुर्खियों में बना रहा — जिसकी शुरुआत एक खिलाड़ी से हुई और अंजाम पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार तक पहुंच गया।
10 पॉइंट्स में समझें पूरा विवाद
भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट और कूटनीति से जुड़ा यह टकराव कई घटनाओं की श्रृंखला के रूप में सामने आया। यहां जानिए इस विवाद की पूरी कहानी, कदम-दर-कदम:
- 1. आईपीएल फ्रेंचाइज़ी कोलकाता नाइट राइडर्स ने ऑक्शन में मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। लेकिन भारत-बांग्लादेश के बढ़ते तनाव के बीच 3 जनवरी 2026 को बीसीसीआई के निर्देश पर KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया।
- 2. इसके तुरंत बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आईसीसी को पत्र लिखकर कहा कि सुरक्षा कारणों से टीम को भारत भेजना संभव नहीं है।
- 3. BCB ने अनुरोध किया कि उनके मैचों को भारत से श्रीलंका शिफ्ट कर दिया जाए।
- 4. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड को ICC और BCB के बीच वेन्यू बदलने की किसी भी बातचीत की जानकारी नहीं दी गई।
- 5. आईसीसी सुरक्षा मूल्यांकन टीम ने भारत में सुरक्षा की समीक्षा की और भारतीय एजेंसियों से पूर्ण सहयोग और आश्वासन मिलने के बाद रिपोर्ट दी कि “कोई सुरक्षा खतरा नहीं” है।
- 6. इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश के मैच श्रीलंका में कराने की मांग ठुकरा दी।
- 7. आईसीसी ने कहा कि टूर्नामेंट से कुछ दिन पहले वेन्यू बदलने से “टूर्नामेंट की अखंडता और प्लानिंग” पर असर पड़ेगा।
- 8. आईसीसी ने BCB को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि वे भारत में खेलने पर सहमति दें या न दें। अगर नहीं, तो उनकी जगह स्कॉटलैंड को टीम स्लॉट दे दिया जाएगा।
- 9. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस विवाद में खुलकर बांग्लादेश का समर्थन किया। लेकिन आईसीसी बोर्ड मीटिंग में सिर्फ पाकिस्तान ही बांग्लादेश के पक्ष में था।
- 10. अंततः 22 जनवरी 2026 को बांग्लादेश सरकार ने आधिकारिक रूप से टी20 विश्व कप का बहिष्कार करने का ऐलान किया, यह कहते हुए कि ICC ने उसके साथ “न्याय नहीं किया।”
भारत ने क्या कहा?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कहा कि उसने ICC के निर्णय प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। BCCI अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में आयोजित किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खिलाड़ियों, टीमों और फैंस की सुरक्षा पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “भारत पहले भी विश्व कप, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर चुका है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी है।”
बीसीबी पर घरेलू दबाव और आर्थिक संकट
बांग्लादेश सरकार के इस फैसले से वहां का क्रिकेट बोर्ड गहरे संकट में है। विश्व कप के बहिष्कार से बीसीबी को 60% तक राजस्व नुकसान का खतरा है। कई खिलाड़ी निजी रूप से इस फैसले से नाराज हैं, लेकिन सरकारी दबाव के कारण सार्वजनिक रूप से कुछ कहने से बच रहे हैं। पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन और मुस्तफिजुर रहमान जैसे खिलाड़ियों के आईपीएल अनुबंध भी प्रभावित हो सकते हैं।
क्रिकेट से राजनीति तक जा पहुंचा विवाद
विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा विवाद केवल सुरक्षा का नहीं बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक टकराव का हिस्सा है। बांग्लादेश सरकार ने हाल में भारत की कुछ नीतियों पर आपत्ति जताई थी, और इस निर्णय को उसी क्रम में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह कदम बांग्लादेश क्रिकेट की साख और विश्वसनीयता को चोट पहुंचा सकता है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या आईसीसी अंतिम क्षणों में बांग्लादेश को मनाने में सफल होता है या उसकी जगह किसी नई टीम को टूर्नामेंट में शामिल किया जाएगा।
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