सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्प लाइन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने व्यवस्थाओं की स्थिति, कार्मिकों की उपस्थिति और अभिलेखों की गहन समीक्षा की तथा सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
चाइल्ड हेल्प लाइन की संवासी पंजिका का किया अवलोकन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चाइल्ड हेल्प लाइन की संवासी पंजिका का अवलोकन किया। इसमें जानकारी सामने आई कि दिसंबर 2025 में 02 बच्चे तथा जनवरी 2026 में 04 बच्चे चाइल्ड हेल्प लाइन में संवासित रहे। ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सभी कार्मिक उपस्थित पाए गए, जिससे व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं।
विशेष दत्तक ग्रहण इकाई की सामग्री पाई गई संरक्षित
चाइल्ड हेल्प लाइन के एक कक्ष में विशेष दत्तक ग्रहण इकाई के संचालन हेतु आवश्यक सामग्री संरक्षित अवस्था में पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे शीघ्र ही रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी।
एक माह में रिक्त पद भरने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालय की दीवारों पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के मोबाइल नंबर अंकित कराए जाएं तथा कार्यालय का साइन बोर्ड शीघ्र लगवाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी रिक्त पदों को एक माह के भीतर भरने के निर्देश दिए।
सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। यहां ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सभी कार्मिक उपस्थित पाए गए। संवासी पंजिका के अनुसार दिसंबर 2025 में 36 पीड़िताएं तथा जनवरी 2026 में 17 पीड़िताएं सेंटर पर संवासित रहीं।
मौके पर पांच पीड़िताएं पाई गईं संवासित
निरीक्षण के समय सेंटर पर 05 पीड़िताएं (04 बालिकाएं एवं 01 महिला) संवासित पाई गईं, जबकि 02 पीड़िताएं चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल गई हुई थीं। व्यवस्थाओं को देखकर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
महिला कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर
जिलाधिकारी द्वारा वन स्टॉप सेंटर में संचालित हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया। यहां सभी कार्मिक उपस्थित पाए गए। डीएम ने कार्मिकों को निर्देश दिए कि महिला कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को लाभ मिल सके।
- चाइल्ड हेल्प लाइन और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण
- रिक्त पद एक माह में भरने के निर्देश
- महिला व बाल सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा
- महिला कल्याण योजनाओं के प्रचार पर जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े संस्थानों की कार्यप्रणाली में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि पीड़ित महिलाओं और बच्चों को समय पर सहायता, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित हो।
👉 हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta
ये भी पढ़ें: सिद्धार्थनगर: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को बांसी पुलिस ने किया गिरफ्तार





[…] ये भी पढ़ें: सिद्धार्थनगर: डीएम ने वन स्टॉप सेंटर व… […]