Sunday, January 25, 2026
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‘अगर साथ नहीं दिया तो याद रखेंगे…’ ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर फिर दी चेतावनी, दावोस से नाटो को सीधा संदेश

दावोस, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। ट्रंप ने नाटो और यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ग्रीनलैंड पर अमेरिका के दावे में सहयोग नहीं किया गया तो इसे “याद रखा जाएगा”।

यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा: ट्रंप

ट्रंप ने अपने भाषण में यूरोप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यूरोप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें यूरोपीय देशों से प्यार है। ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय यूनियन को अमेरिका की सरकार और नीतियों से सीख लेनी चाहिए, क्योंकि यूरोप को उसकी इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियों से भारी नुकसान हुआ है।

नाटो से ग्रीनलैंड सौंपने की मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि नाटो को ग्रीनलैंड अमेरिका को सौंप देना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग नहीं करेंगे, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसकी सुरक्षा के लिए स्वामित्व बेहद जरूरी है। ट्रंप के मुताबिक, केवल पट्टे या लाइसेंस के जरिए ग्रीनलैंड की रक्षा संभव नहीं है।

‘बर्फ का बड़ा टुकड़ा’, लेकिन रणनीतिक रूप से अहम

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को “समुद्र के बीचोंबीच बर्फ का एक बड़ा टुकड़ा” बताया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में युद्ध हुआ तो सबसे अधिक सैन्य गतिविधियां उसी क्षेत्र के ऊपर होंगी और मिसाइलें भी वहीं से गुजरेंगी। ऐसे में ग्रीनलैंड पर नियंत्रण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नाटो को चेतावनी – साथ दिया तो धन्यवाद, नहीं तो याद रखेंगे

ट्रंप ने नाटो को साफ संदेश देते हुए कहा, “अगर आप ग्रीनलैंड पर कब्जा करने में अमेरिका का साथ देंगे तो हम आपके आभारी रहेंगे, लेकिन अगर साथ नहीं दिया तो हम इसे याद रखेंगे।” इस बयान को नाटो सहयोगियों के लिए खुली चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

नाटो की सुरक्षा बढ़ेगी, कोई खतरा नहीं: ट्रंप

ट्रंप ने तर्क दिया कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण से नाटो की सुरक्षा और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह नाटो के लिए कोई खतरा नहीं है, बल्कि इससे पूरे गठबंधन को लाभ होगा। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि नाटो ने अमेरिका के साथ हमेशा अच्छा व्यवहार नहीं किया

डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों का सम्मान

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का सम्मान करते हैं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अमेरिका ने ग्रीनलैंड की रक्षा की थी और बाद में उसे डेनमार्क को सौंप दिया, लेकिन अब अमेरिका पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली है

रूस और चीन के लिहाज से भी अहम है ग्रीनलैंड

ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका, रूस और चीन के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण सामरिक लोकेशन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत दुर्लभ खनिजों के लिए नहीं, बल्कि रणनीतिक सुरक्षा कारणों से है।

  • दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया
  • नाटो से ग्रीनलैंड अमेरिका को सौंपने की मांग
  • साथ न देने पर “याद रखने” की चेतावनी
  • यूरोप की इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियों पर हमला
  • ग्रीनलैंड को बताया रणनीतिक रूप से अत्यंत अहम

ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनलैंड को लेकर यह बयान अमेरिका–यूरोप संबंधों में और तनाव बढ़ा सकता है।

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