केशव प्रसाद मौर्य ने दिए निर्देश: 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने की योजना को धरातल पर उतारा जाए

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और 1 करोड़ महिलाओं को “लखपति दीदी” के रूप में विकसित करने के लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।

महिला सशक्तिकरण के लिए त्रिस्तरीय समितियों का गठन

उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मंडल, जनपद और विकास खंड स्तर पर समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। इन समितियों का उद्देश्य होगा कि लक्ष्य के अनुरूप नए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाए, नए सदस्यों को जोड़ा जाए और पात्र महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जाए। मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में त्रैमासिक बैठकें, जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मासिक बैठकें और विकास खंड स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में प्रत्येक 15 दिन पर बैठकें आयोजित होंगी।

03 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जानकारी के अनुसार अब तक 9,06,225 स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं, जिनसे 99,39,191 परिवारों की महिलाएं जुड़ी हैं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शेष पात्र परिवारों को भी अभियान के माध्यम से जोड़ा जाए। जीरो पावर्टी अभियान के तहत 6,67,075 ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं जो अभी तक समूहों से नहीं जुड़े हैं।

  • 2.10 करोड़ पात्र राशन कार्डधारक परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 19,39,967 अवशेष लाभार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा।
  • 17,38,489 विधवा पेंशन लाभार्थियों को भी समूहों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित।
  • जल जीवन मिशन के तहत छूटे हुए पात्र परिवारों की महिलाओं को भी समूहों में शामिल किया जाएगा।

आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

योजना के तहत महिलाओं को बैंकिंग, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक-सामुदायिक सशक्तिकरण जैसे लाभ प्राप्त होंगे। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के आर्थिक विकास में भी योगदान देंगी। मुख्य विकास अधिकारी को कार्यक्रम की प्रगति आख्या नियमित रूप से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मिशन निदेशक यूपीएसआरएलएम को 15 दिन के अंतराल पर शासन को प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी।

निष्कर्ष: “लखपति दीदी” योजना बनेगी ग्रामीण महिलाओं की नई पहचान

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का यह अभियान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा। यह न केवल गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक प्रेरक मिशन बनकर उभरेगा। योजना के क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम करेंगी।

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