मुंबई, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
मुंबई में आज बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित महाराष्ट्र की 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सत्ता तय करने वाले बीएमसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली महायुति और ठाकरे बंधुओं के मोर्चे के बीच बीएमसी पर कब्जे को लेकर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आज 29 नगर निकायों के लिए मतदान
राज्यभर में 29 नगर निकायों की कुल 2,869 सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया सुबह 7:30 बजे शुरू हो चुकी है, जो शाम 5:30 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में कुल 3.48 करोड़ मतदाता 15,931 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।
- मुंबई में उम्मीदवारों की संख्या: लगभग 1,700
- पुणे में उम्मीदवारों की संख्या: 1,166
- मतगणना की तारीख: 16 जनवरी
बीएमसी क्यों है सबसे अहम?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका को देश की सबसे समृद्ध नगर निगम माना जाता है। बीएमसी का बजट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि कई छोटे राज्यों के सालाना बजट से भी अधिक है। इसी वजह से हर राजनीतिक दल की नजर बीएमसी की सत्ता पर टिकी रहती है।
बीएमसी का सालाना बजट
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बीएमसी का सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इस बजट से मुंबई शहर के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, जलापूर्ति, सड़क निर्माण और मानसून के दौरान बाढ़ नियंत्रण जैसे बड़े प्रोजेक्ट संचालित किए जाते हैं।
| विवरण | आंकड़ा | जानकारी |
|---|---|---|
| बीएमसी का वार्षिक बजट | ₹74,000 करोड़+ | आधिकारिक अनुमान |
| नगर निकाय चुनाव | 29 | महाराष्ट्र |
| कुल मतदाता | 3.48 करोड़ | चुनाव आयोग |
राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई
बीएमसी का नियंत्रण केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये के बजट और मुंबई जैसे महानगर की सत्ता के कारण यह चुनाव राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष: बीएमसी चुनाव पर टिकी सबकी नजर
बीएमसी चुनाव न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने की क्षमता रखता है। 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट वाली इस महानगरपालिका पर किसका कब्जा होगा, इसका फैसला 16 जनवरी को मतगणना के बाद साफ हो जाएगा।
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