अयोध्या में मकर संक्रांति स्नान शुरू, सरयू में पांच लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की संभावना

अयोध्या, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार सुबह से ही रामनगरी अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। तड़के सुबह से सरयू घाटों पर स्नान-दान का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहने की संभावना है। मंदिर प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, आज करीब पांच लाख श्रद्धालु सरयू स्नान के लिए अयोध्या पहुंच सकते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम किए हैं।

सुबह से सरयू घाटों पर स्नान का सिलसिला

मकर संक्रांति के अवसर पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोलियां सरयू घाटों की ओर पहुंचने लगीं। नयाघाट, गुप्तार घाट समेत अन्य प्रमुख घाटों पर स्नान के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालु स्नान के बाद दान-पुण्य कर भगवान राम और हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिरों की ओर रवाना हो रहे हैं।

पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

प्रशासनिक आकलन के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सरयू स्नान के लिए लगभग पांच लाख श्रद्धालु रामनगरी पहुंच सकते हैं। अयोध्या के अलावा अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा और बस्ती जैसे आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

  • सरयू घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
  • भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग
  • स्वास्थ्य और आपात सेवाओं की व्यवस्था

नयाघाट पर मेला कंट्रोल रूम सक्रिय

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए नयाघाट पर मेला कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। इसके साथ ही खोया-पाया केंद्र भी शुरू किया गया है, ताकि भीड़ में बिछड़ने वाले लोगों को तत्काल सहायता मिल सके। प्रशासन के मुताबिक यह व्यवस्था पूरे माघ मेला अवधि तक जारी रहेगी।

एकादशी पर भी उमड़ी थी श्रद्धालुओं की भीड़

मकर संक्रांति से एक दिन पहले बुधवार को एकादशी तिथि पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाई थी। इस दौरान रामलला और हनुमंतलला के दर्शन के लिए मंदिरों में लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ और दान-पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

उदया तिथि के अनुसार आज मनाई जा रही मकर संक्रांति

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को ही मनाया जा रहा है। 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गए थे। अयोध्या में उदया तिथि की परंपरा के कारण स्नान-दान बृहस्पतिवार की सुबह किया जा रहा है।

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का विशेष महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। गुरुवार सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक का समय स्नान के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इसी कारण तड़के सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

मंदिरों में खिचड़ी का भोग, पूजन-अनुष्ठान

मकर संक्रांति के अवसर पर रामनगरी के अधिकांश मंदिरों में भगवान को खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान और आरती का आयोजन हुआ। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।

निष्कर्ष: आस्था और व्यवस्था का संगम

मकर संक्रांति पर अयोध्या में आस्था और व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। सरयू स्नान और मंदिर दर्शन के साथ श्रद्धालु पर्व की धार्मिक परंपराओं का पालन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

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