नई दिल्ली, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कडगम (टीवीके) के संस्थापक थलापति विजय इन दिनों सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। करूर भगदड़ मामले में सीबीआई की जांच के घेरे में आने के बाद सोमवार को उनसे करीब 6 घंटे तक पूछताछ हुई। दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय से बाहर निकलते समय विजय के चेहरे पर थकान और तनाव साफ नजर आया।
विजय ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखते हुए कहा, “न तो मैं और न ही मेरी पार्टी इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार हैं। जैसे ही मैंने भीड़ को अनियंत्रित होते देखा, मैंने अपना भाषण रोक दिया और वहां से हट गया ताकि भीड़ और न बढ़े।”
सीबीआई जांच में क्या सवाल हुए?
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने विजय से आयोजन की पूरी प्लानिंग, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम, स्टेज पर पहुंचने में देरी और आयोजन स्थल की क्षमता से ज्यादा लोगों की मौजूदगी के बारे में विस्तार से पूछताछ की। पुलिस के उस बयान की भी जांच की जा रही है, जिसमें कहा गया था कि विजय के देर से आने के कारण भीड़ बेकाबू हुई, जबकि पहले से ही क्षमता से अधिक लोग वहां मौजूद थे।
करूर त्रासदी: 41 मासूमों की चली गई जान
यह दर्दनाक हादसा 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में थलापति विजय की राजनीतिक जनसभा के दौरान हुआ था। भारी भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद विजय ने हर मृतक परिवार को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी।
विजय के राजनीतिक करियर पर असर?
विजय सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की सबसे बड़ी हस्तियों में से एक हैं। ‘नालैया थीरपु’ से युवा हीरो के रूप में पहचान बनाने वाले विजय ने ‘सरकार’, ‘मर्सल’ जैसी फिल्मों से ‘थलापति’ का खिताब हासिल किया। 2024 में उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके लॉन्च कर औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया।
सीबीआई जांच का इस समय उनके राजनीतिक करियर और पार्टी की इमेज पर बहुत गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि तमिलनाडु में अगले विधानसभा चुनावों में उन्हें एक बड़े खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
‘जन नायकन’ (थलापति 69) पर सस्पेंस बरकरार
विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ (थलापति 69) पर भी सस्पेंस बना हुआ है। यह फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड के साथ चल रहे विवादों और कानूनी अड़चनों के कारण रिलीज में देरी हुई। अब यह फिल्म 14 जनवरी 2026 को रिलीज हो सकती है। इसके बाद विजय पूरी तरह से सिनेमा से संन्यास लेकर अपनी राजनीतिक पार्टी टीवीके पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूछताछ की अवधि | लगभग 6 घंटे |
| स्थान | सीबीआई मुख्यालय, दिल्ली |
| घटना | करूर भगदड़ (27 सितंबर 2025) |
| मौतें | 41 |
| घायल | 60+ |
| विजय का पक्ष | भीड़ अनियंत्रित होते देख भाषण रोका, वहां से हट गए |
| जांच एजेंसी | सीबीआई |
| विजय की आखिरी फिल्म | जन नायकन (थलापति 69) – संभावित रिलीज 14 जनवरी 2026 |
करूर भगदड़ मामले में सीबीआई की जांच थलापति विजय के राजनीतिक सफर के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो रही है। 6 घंटे की लंबी पूछताछ और बाहर निकलते समय दिखा तनाव इस बात का संकेत है कि यह मामला उनके लिए आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे उनकी पार्टी टीवीके और राजनीतिक भविष्य पर गहरा असर डाल सकते हैं।
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