भोपाल, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
राजधानी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में चार महीने पहले फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाली नाबालिग छात्रा के मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट में छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद कोलार पुलिस ने मर्ग जांच को बदलकर अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
घटना का पूरा विवरण
17 वर्षीय किशोरी थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। उसने बीते वर्ष 17 अगस्त को घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय उसकी मां और भाई मजदूरी करने घर से बाहर गए हुए थे। मां और भाई के घर लौटने पर किशोरी फंदे पर लटकी मिली थी। मृतका ने आत्महत्या से पहले किसी पर दुष्कर्म का आरोप नहीं लगाया था। इस कारण पहले पुलिस ने इसे सामान्य आत्महत्या मानकर जांच की थी।
अब FSL रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस की पूरी जांच की दिशा बदल गई है। पुलिस अब आत्महत्या से पहले पीड़िता के घर आने-जाने वालों का पता लगा रही है। नाबालिग के कुछ दिनों पहले की गतिविधियों का भी पता लगाया जा रहा है कि उसे कोई अपने साथ ले जाकर दरिंदगी तो नहीं की थी। इसके लिए पुलिस घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्रित कर रही है।
पुलिस की जांच में नए मोड़
विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक जितेन्द्र केवट ने बताया कि घटना वाले दिन किशोरी के घर कौन-कौन आया था उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। छात्रा कहीं बाहर गई थी क्या, यह भी पता लगाया जा रहा है। घर के मोबाइल और छात्रा के पास रहने वाले मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब अज्ञात आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। जांच में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़िता | 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा |
| घटना की तिथि | 17 अगस्त 2025 |
| स्थान | कोलार थाना क्षेत्र, भोपाल |
| FSL रिपोर्ट | दुष्कर्म की पुष्टि |
| दर्ज धाराएं | दुष्कर्म + POCSO एक्ट |
| वर्तमान जांच | घर आने-जाने वाले, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल |
| विवेचना अधिकारी | उप निरीक्षक जितेन्द्र केवट |
यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा और जांच में तेजी की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है। FSL रिपोर्ट से दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस की जांच नई दिशा में बढ़ी है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंच बनाई जा सकेगी और न्याय मिलेगा। समाज को भी नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सजग रहने की जरूरत है।




