लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर देश में अपनी तकनीकी क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता से नया इतिहास रचा है। महाकुंभ-2025 के दौरान स्थापित Integrated Command & Control Centre (ICCC) तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के Meta Suicidal Alert सिस्टम को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित SKOCH Gold अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान नई दिल्ली में 10 जनवरी 2026 को आयोजित 105वें SKOCH समिट में प्रदान किया गया। थीम इस बार ‘Governance with Bharat’ थी। उत्तर प्रदेश पुलिस देश की एकमात्र ऐसी पुलिस फोर्स है, जिसने SKOCH अवॉर्ड की दो अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त किए हैं। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में तकनीक-समर्थ, संवेदनशील एवं जनोन्मुख पुलिसिंग का जीता-जागता प्रमाण है।
ICCC: महाकुंभ का ‘नर्व सेंटर’ – श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का आधार
महाकुंभ-2025 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Integrated Command & Control Centre (ICCC) को एक अत्याधुनिक नर्व सेंटर के रूप में विकसित किया गया। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रियल-टाइम मॉनिटरिंग और इंटर-एजेंसी समन्वय की उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया। ICCC ने निम्नलिखित क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया:
- AI-आधारित भीड़ अनुमान (Crowd Estimation), व्यक्ति सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
- 24×7 सिचुएशन रूम, आपातकालीन मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय प्रक्रिया
- चैटबॉट, मास मैसेजिंग और ऐप-आधारित सहायता से श्रद्धालुओं की मदद
- पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल
इसके परिणामस्वरूप महाकुंभ में कोई बड़ी दुर्घटना या भीड़ भगदड़ नहीं हुई और लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन का अवसर मिला।
Meta Suicidal Alert: सोशल मीडिया से प्राणों की रक्षा करने वाली विश्व की पहली पुलिस पहल
उत्तर प्रदेश पुलिस का Meta Suicidal Alert सिस्टम देश और दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। Meta कंपनी (फेसबुक-इंस्टाग्राम) के सहयोग से विकसित इस प्रणाली में सोशल मीडिया पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट या सामग्री मिलते ही तत्काल अलर्ट पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल और फोन कॉल के माध्यम से भेजा जाता है। मुख्यालय में 24×7 समर्पित डेस्क, जो यूपी STF सर्वर से एकीकृत है, पीड़ित की लोकेशन तुरंत ट्रेस करती है और संबंधित जनपद को सूचना प्रेषित करती है। स्थानीय पुलिस त्वरित हस्तक्षेप कर व्यक्ति और उसके परिजनों से संपर्क करती है, काउंसलिंग कराती है और आवश्यक सहायता प्रदान करती है।
आंकड़े जो गर्व का विषय हैं (01 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 तक):
| आयु वर्ग | बचाए गए व्यक्ति | पुरुष | महिला |
|---|---|---|---|
| 13–18 वर्ष | 623 | – | – |
| 19–25 वर्ष | 905 | – | – |
| 26–35 वर्ष | 190 | – | – |
| 35 वर्ष से अधिक | 87 | – | – |
| कुल | 1805 | 1389 | 416 |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग कर 1805 लोगों की जान बचाई है। साथ ही आत्महत्या के प्रयास के बाद निरंतर काउंसलिंग के लिए मिशन शक्ति केंद्र और 1090 टेली-काउंसलर की व्यवस्था लागू की गई है।
पुरस्कार वितरण: सम्मान का क्षण
10 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 105वें SKOCH समिट में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इसे उन्होंने नामित अधिकारियों – ICCC महाकुंभ-2025 के तत्कालीन प्रभारी श्री अमित कुमार (IPS) तथा Meta Suicidal Alert टीम के श्री राहुल श्रीवास्तव और श्री सत्या यादव (डायरेक्टर आउटरीच, साउथ एशिया फेसबुक) को सौंपा।
SKOCH अवॉर्ड: शासन और विकास का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान
SKOCH अवॉर्ड भारत का सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र सम्मान है, जो शासन, प्रशासन, विकास और तकनीकी नवाचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। यह गैर-पक्षपाती और व्यापक मूल्यांकन के बाद प्रदान किया जाता है। उत्तर प्रदेश पुलिस को यह सम्मान जनसुरक्षा, तकनीकी नवाचार और जीवन संरक्षण में किए गए कार्यों की राष्ट्रीय मान्यता है।
निष्कर्ष: तकनीक और संवेदनशीलता का अनूठा संगम
महाकुंभ-2025 का ICCC और Meta Suicidal Alert सिस्टम उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक-समर्थ और संवेदनशील पुलिसिंग का जीता-जागता प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण द्वारा शुरू किए गए इन नवाचारों से न केवल लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन मिला, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से 1805 लोगों की जान भी बचाई गई। SKOCH Gold अवॉर्ड इस प्रयास की राष्ट्रीय मान्यता है, जो उत्तर प्रदेश को तकनीकी और मानवीय पुलिसिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यह सम्मान पूरे देश के लिए प्रेरणा है कि तकनीक का उपयोग मानवीय जीवन बचाने के लिए कैसे किया जा सकता है।




