जेएनयू में मार्च के दौरान बवाल: छात्रों पर पुलिस की कथित बर्बरता, 28 छात्र हिरासत में; 6 पर FIR, ABVP पर हमला आरोप

नई दिल्ली (वेब वार्ता)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शनिवार शाम को लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ झड़प हो गई। छात्र संघ अध्यक्ष नितीश कुमार सहित 28 छात्रों को हिरासत में लिया गया है, और 6 छात्रों पर FIR दर्ज की गई है। लेफ्ट संगठनों ने पुलिस पर बर्बर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने छात्रों पर बैरिकेड तोड़ने और 6 पुलिसकर्मियों को घायल करने का दावा किया है। यह प्रदर्शन ABVP पर दशहरा हिंसा के आरोपों में FIR दर्ज करने की मांग पर था।

हिरासत में लिए गए छात्रों को कपाशेरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया है, जहां वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। AISA ने कहा, “JNUSU अध्यक्ष सहित छात्रों को बेरहमी से पीटा गया।”

क्या है पूरा मामला?

झड़प 15 अक्टूबर को सोशल साइंसेज स्कूल के जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में शुरू हुई, जहां लेफ्ट ग्रुप्स ने ABVP पर जातिवादी, इस्लामोफोबिक और मिसोजिनिस्ट हमले का आरोप लगाया। ABVP ने कहा कि लेफ्ट छात्रों ने पहले हमला किया।

छात्रों ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन पर ABVP के खिलाफ FIR की मांग की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका। लेफ्ट ग्रुप्स ने कहा कि पुलिस ने महिलाओं के बाल खींचे और पुरुष पुलिसकर्मियों ने हमला किया।

28 छात्र हिरासत में, 6 पर FIR; 6 पुलिसकर्मी घायल

28 छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिनमें JNUSU अध्यक्ष नितीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा, महासचिव मुंतहा फातिमा, संयुक्त सचिव वैभव मीणा, और अन्य शामिल हैं।

पुलिस ने 6 पर FIR दर्ज की, जिसमें JNUSU अध्यक्ष सहित 6 नाम हैं। पुलिस ने कहा, “छात्रों ने बैरिकेड तोड़े और 6 पुलिसकर्मी घायल हुए। हिरासत किसी अनहोनी को रोकने के लिए।”

ABVP का आरोप: लेफ्ट ने पहले हमला किया

ABVP ने कहा कि लेफ्ट छात्रों ने पहले हमला किया, जिसमें एक महिला छात्रा के गले पर हाथ डाला गया। ABVP संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा, “यह JNU की गरिमा का अपमान है। मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा और क्षेत्रीय घृणा लोकतंत्र के खिलाफ है।”

संदर्भ: दशहरा हिंसा से शुरू विवाद

यह झड़प 15 अक्टूबर को सोशल साइंसेज स्कूल के GBM में शुरू हुई, जहां लेफ्ट ग्रुप्स ने ABVP पर जातिवादी, इस्लामोफोबिक और मिसोजिनिस्ट हमले का आरोप लगाया। ABVP ने कहा कि लेफ्ट छात्रों ने पहले हमला किया।

JNU का इतिहास: वैचारिक झड़पों का केंद्र

JNU वैचारिक संघर्षों का केंद्र रहा है। लेफ्ट और राइट विंग ग्रुप्स के बीच तनाव आम है। AISA ने कहा, “ABVP ने GBM में जातिवादी नारेबाजी की। पुलिस ने हम पर हमला किया।”

SFI ने कहा, “महिलाओं के बाल खींचे गए।”

ABVP ने कहा, “लेफ्ट ने पहले हमला किया।”

पुलिस का पक्ष: “छात्रों ने बैरिकेड तोड़े”

पुलिस ने कहा, “28 छात्रों को अनहोनी रोकने के लिए हिरासत में लिया। 6 पुलिसकर्मी घायल हुए।”

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