झालावाड़ स्कूल हादसा : पीएम मोदी ने जताया शोक, सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना

नई दिल्ली/जयपुर, (वेब वार्ता)। राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में स्थित एक सरकारी स्कूल में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। स्कूल की छत गिरने से 5 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुर्घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित तमाम नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे को “बेहद दुखद” बताया और शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ‘एक्स’ (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर जारी संदेश में उन्होंने कहा,

“राजस्थान के झालावाड़ स्थित एक स्कूल में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रशासन पीड़ितों को हरसंभव सहायता दे रहा है।”

इस हादसे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, जो स्वयं राजस्थान से सांसद हैं, ने लिखा,

“झालावाड़ के पीपलोदी में स्कूल की छत गिरने से हुआ हादसा बेहद पीड़ादायक है। दिवंगत बच्चों को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, जो झालावाड़ से ही राजनीति करती रही हैं, ने भी गहरा शोक व्यक्त किया और स्थानीय प्रशासन से त्वरित राहत एवं पुनर्वास कार्यों की मांग की। उन्होंने लिखा,

“पीपलोदी, मनोहरथाना के स्कूल भवन में हुआ हादसा अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। जनहानि और बच्चों के घायल होने का समाचार अत्यंत कष्टप्रद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।”

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने हादसे की न्यायिक जांच की मांग करते हुए प्रशासन पर जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने अपने संदेश में कहा,

“झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की छत गिरने से कई बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई है। यह एक जघन्य प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

हादसे की पृष्ठभूमि

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पीपलोदी गांव के राजकीय विद्यालय की छत जर्जर अवस्था में थी, जिसको लेकर अभिभावकों द्वारा पूर्व में भी शिकायत की गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। बारिश के चलते छत अचानक भरभरा कर गिर पड़ी, जिससे कक्षा में बैठे दर्जनों बच्चे मलबे में दब गए। बचाव दल द्वारा युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया गया। गंभीर रूप से घायल बच्चों को झालावाड़ और कोटा के अस्पतालों में रेफर किया गया है।

प्रशासनिक कार्रवाई

मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी हादसे पर दुख जताते हुए जिला कलेक्टर से तुरंत रिपोर्ट तलब की है और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग को स्कूल भवनों की स्थिति की पुन: जांच कर आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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