बीएसईएस का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनकर तैयार

-उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। बीएसईएस का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनकर तैयार हो गया है। व्यावसायिक रूप मान्य, देश के इस पहले स्टैंड-एलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से इलाके के उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस बैटरी सिस्टम में यह क्षमता होगी कि यह करीब 1 लाख उपभोक्ताओं को रोजाना चार घंटे तक अपने दम पर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकता है। इससे जहां एक ओर, उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर ग्रिड की मजबूती व स्थिरता बढेगी, गर्मियों में पीक पावर डिमांड को पूरा करने में मदद मिलेगी, बिजली नेटवर्क पर ओवरलोडिंग कम होगी और बिजली खरीद की लागत में भी कुछ कमी आने की गुंजाइश बनेगी। इसके अलावा, हरित ऊर्जा की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम होगा। मार्च के आखिर में या अप्रैल की शुरूआत में यह बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम औपचारिक रूप से काम करना शुरू कर देगा। इसमें कुल 12 अत्याधुनिक लिक्विड कूल्ड कंटेनर्स होंगे। इनमें से 9 लिक्विड कूल्ड कंटेनर्स पहले ही लगाए जा चुके हैं और बाकी 3 लगाए जाने की प्रक्रिया में हैं। ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॅर पीपुल एंड प्लानेट (जीईएपीपी) की मदद से इस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) को तैयार किया गया है। बिजली वितरण के स्तर पर यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा युटिलिटी-स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम है। 20 मेगावॉट की क्षमता वाला यह बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम दक्षिण दिल्ली में बीआरपीएल के 33/11 केवी किलोकरी सब-स्टेशन में स्थापित किया जा रहा है। इस स्टोरेज सिस्टम की जीवन-अवधि 12 वर्ष की होगी। इस स्टोरेज सिस्टम में मौजूद लिक्विड कूल्ड कंटेनर्स ऑफ पीक आवर्स में ग्रिड की बिजली से चार्ज होंगे और पीक आवर्स के दौरान ये कंटेनर्स उस बिजली को वापस ग्रिड में भेजेंगे। फिर, ग्रिड उस बिजली को उपभोक्ताओं को सप्लाई करेगा।

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