Tag: चुनाव सुधार
निर्विरोध चुनाव बनाम नोटा: भारत के लोकतंत्र में जन- इच्छा, कानून और नैतिकता की टकराहट
निर्विरोध चुनाव और नोटा के टकराव पर गहन विश्लेषण। क्या बिना मतदान के चुना गया प्रतिनिधि लोकतांत्रिक जन-इच्छा को दर्शाता है? पढ़ें संवैधानिक दृष्टिकोण।
चुनाव आयोग ने बीएलओ स्तर के अधिकारियों का पारिश्रमिक दोगुना किया
-लोकतंत्र के मूक प्रहरी: बीएलओ का सम्मान और आयोग की सार्थक पहल
नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। चुनाव आयोग द्वारा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और निर्वाचक...
