Wednesday, January 14, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ | अजय कुमार | वेब वार्ता

-अपरिहार्य होने पर ही वृक्षों की कटान, जितने कटें उससे अधिक पौधरोपण अनिवार्य – सीएम का सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किंतु यह पर्यावरण की कीमत पर कभी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा करते हुए उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी साप्ताहिक, मुख्य सचिव पाक्षिक समीक्षा करें

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लंबित हो, उसे मुख्य सचिव की सोमवारीय समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।

भूमि अधिग्रहण में किसानों से सीधा संवाद, बिचौलियों का हस्तक्षेप न हो

भूमि अधिग्रहण से संबंधित विषयों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

सड़क परियोजनाएं विकास की रीढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।

प्रमुख निर्देश एक नजर में

निर्देशविवरण
पौधरोपण लक्ष्यइस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण अनिवार्य
वृक्ष कटान नीतिअपरिहार्य स्थिति में ही कटान, उससे अधिक रोपण
समीक्षा व्यवस्थाजिलाधिकारी – साप्ताहिक, मुख्य सचिव – पाक्षिक
भूमि अधिग्रहणकिसानों से सीधा संवाद, बिचौलियों का हस्तक्षेप न हो
समन्वयएनएचएआई और जिला प्रशासन में सतत समन्वय
विकास और पर्यावरण में संतुलन सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार कभी पर्यावरण की कीमत पर नहीं चलेगी। 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य, वृक्ष कटान पर सख्त नीति और किसानों के हितों की रक्षा से सरकार ने साबित किया है कि आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। एनएचएआई परियोजनाओं की समयबद्ध समीक्षा और सख्त निगरानी से प्रदेश में बेहतर सड़क नेटवर्क और हरित विकास दोनों सुनिश्चित होंगे। यह दृष्टिकोण न केवल उत्तर प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक है, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल भी प्रस्तुत करता है।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: लखनऊ-सुल्तानपुर एनएच-56 का फोरलेनिंग प्रोजेक्ट समय पर पूरा: PRAGATI की निगरानी से सुलझी चुनौतियां, 2016 करोड़ की लागत से पूर्वी यूपी को मिली नई गति

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest

More articles