यमुना एक्सप्रेस-वे पर जापान सिटी और सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव, 500-500 एकड़ भूमि चिन्हित, YEIDA ने शासन को भेजा पत्र

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास को लेकर औपचारिक प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया गया है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए 500-500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री की आगामी जापान और सिंगापुर यात्रा के संदर्भ में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को वैश्विक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है।

18 फरवरी को शासन को भेजा गया औपचारिक पत्र

प्राधिकरण द्वारा 18 फरवरी 2026 को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन को एक विस्तृत प्रस्ताव पत्र भेजा गया है।

इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दोनों प्रस्तावित सिटीज के लिए भूमि की पहचान पूरी कर ली गई है।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और शासन की अनुमति मिलते ही प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 में होगा विकास

प्रस्ताव के अनुसार जापान सिटी के लिए ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सेक्टर-5ए में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है।

इसी प्रकार सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 में 500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

दोनों ही सेक्टर प्राधिकरण की महायोजना के अंतर्गत मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।

भूमि उपयोग का निर्धारित प्रतिशत

महायोजना के अनुसार इन क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोग न्यूनतम 70 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

इसके अतिरिक्त आवासीय उपयोग अधिकतम 12%, वाणिज्यिक उपयोग अधिकतम 13% तथा संस्थागत सुविधाओं के लिए न्यूनतम 5% क्षेत्र निर्धारित किया गया है।

इन मानकों के अनुसार दोनों सेक्टरों को इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

ईपीसी मोड पर होगा निर्माण कार्य

दोनों परियोजनाओं का विकास ईपीसी मोड (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) पर किया जाएगा।

इस मॉडल के तहत एक ही एजेंसी द्वारा डिजाइन, निर्माण, सड़क, जल, बिजली, सीवरेज और अन्य आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जाएगा।

जापान और सिंगापुर निवेश पर विशेष फोकस

प्रस्तावित जापान सिटी में जापानी कंपनियों के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर, टेक्नोलॉजी पार्क और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी।

वहीं सिंगापुर सिटी में फाइनेंशियल सर्विसेज, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन और आईटी पार्क विकसित किए जाएंगे।

इन क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, आईटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा से जुड़ा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के दृष्टिगत शासन ने YEIDA से इन देशों के नाम पर विशेष औद्योगिक शहरों के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए थे।

इसी के तहत यह प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।

रोजगार और आर्थिक विकास की संभावनाएं

इन दोनों परियोजनाओं से हजारों करोड़ रुपये के निवेश, लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।

यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर, आगरा, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ भी मिलेगा।

YEIDA की तैयारियां पूरी

YEIDA अधिकारियों के अनुसार महायोजना, भूमि सर्वेक्षण और प्रारंभिक तकनीकी अध्ययन पूरा किया जा चुका है।

शासन की स्वीकृति मिलते ही भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य तेजी से प्रारंभ किया जाएगा।

निष्कर्ष

यमुना एक्सप्रेस-वे पर प्रस्तावित जापान सिटी और सिंगापुर सिटी परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यह परियोजना न केवल ग्रेटर नोएडा, बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।

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